भोपाल लोकसभा सीट से की भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार घोषित होने के बाद से ही साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की जुबान थमने का नाम नहीं ले रही। 5 दिनों में साध्वी प्रज्ञा लगातार 5 विवादित बयान दे चुकी हैं। उन्हें इन बयानों के कारण चुनाव आयोग दो बार नोटिस भी भेज चुका है, लेकिन साध्वी हैं कि मानती नहीं! आगे पढ़िए कौन से हैं वो 5 बयान जिनसे बरपा हंगामा।
साध्वी प्रज्ञा हैं कि मानती नहीं, 5 दिन में इन 5 बयानों से बरपा हंगामा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रविवार, 21 अप्रैल
आज पांचवां दिन है जब भोपाल से भाजपा की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ने लगातार विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा, "हां, मैं अयोध्या गई थी। मैंने कल भी ये कहा था। मैं मना नहीं कर रही। मैंने ढांचे को तोड़ा था। मैं वहां जाकर राम मंदिर निर्माण में भी मदद करूंगी। कोई हमें ऐसा करने से नहीं रोक सकता। राम राष्ट्र हैं, राष्ट्र राम हैं।" इस बयान को लेकर भोपाल के निर्वाचन अधिकारी ने साध्वी प्रज्ञा को नोटिस जारी कर एक दिन के भीतर जवाब मांगा है।
शनिवार, 20 अप्रैल
20 अप्रैल को राम मंदिर मामले पर साध्वी प्रज्ञा ने कहा था, "राम मंदिर जरूर बनेगा। एक भव्य मंदिर बनेगा। हम मंदिर वहीं बनाएंगे। आखिरकार, हम ढांचे को ध्वस्त करने के लिए गए थे। मैंने ढांचे पर चढ़कर उसे तोड़ दिया। मुझे गर्व है कि भगवान ने मुझे यह मौका और ऐसा करने के लिए शक्ति दी, और मैंने उसे कर दिया। अब हम वहीं राम मंदिर बनाएंगे।"
शुक्रवार, 19 अप्रैल
साध्वी प्रज्ञा ने मालेगांव हमले में शहीद आईपीएस अधिकारी हेमंत करकरे के बारे में कहा, ”हेमंत करकरे ने मुझे मालेगांव ब्लास्ट मामले में झूठे आरोप में फंसाया और मेरे साथ बहुत बुरा बर्ताव किया। मैंने उससे कहा था कि तेरा सर्वनाश होगा। ठीक सवा महीने तक सूतक लगा है। जिस दिन मैं गई थी उस दिन इसके सूतक लग गया था। ठीक सवा महीने में आतंकवादियों ने इसको मारा, उस दिन उसका अंत हुआ।” हालांकि बाद में भाजपा ने उनके इस बयान से पल्ला झाड़ते हुए इसे उनकी निजी राय करार दिया। साध्वी ने भी विवाद गहराता देख माफी मांग ली और बयान वापस ले लिया।
गुरुवार, 18 अप्रैल
18 अप्रैल को एक कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए साध्वी प्रज्ञा रो पड़ीं। उन्होंने पुलिस पर प्रताड़ित करने और अमानवीय व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा, "जो गलती मैंने नहीं की उसे मैं स्वीकार भी नहीं करूंगी। मुझसे पूछा जाता था कि मैं किससे साथ बैठक करती हूं, क्या प्रशिक्षण देती हूं। मुझे लेकर गए और गैरकानूनी तरीके से 13 दिनों तक रखा। पहले ही दिन बिना कुछ पूछे पीटना शुरू कर दिया। चौड़े बेल्ट से मारा जाता था। बेल्ट इतना सख्त होता था कि एक बार में ही शरीर सूज जाता है और दूसरे बेल्ट में छिल जाता था। बेल्ट की मार से पूरा नर्वस सिस्टम सुन्न पड़ जाता था। वे दिन-रात पीटते थे।"