महाराष्ट्र की सियासत में बीते कुछ दिनों से एक नारा बेहद मशहूर हो चला है-
लाव रे तो व्हिडियो। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के मुखिया राज ठाकरे ने क्यों दिया ये नारा, इस नारे के मायने क्या हैं। जब ठाकरे की पार्टी मनसे लोकसभा चुनाव लड़ ही नहीं रही तो क्यों कर रहे हैं वो इतनी रैलियां और इन रैलियों में क्यों उमड़ रही है इतनी भीड़। चलिए ढूंढ़ते हैं इन सवालों के जवाब...
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राज ठाकरे की रैली
- फोटो : Social Media
लाव रे व्हिडियो- वैसे ये किसी पार्टी का राजनीतिक नारा तो नहीं है लेकिन इसने राजनीति में कोहराम जरूर मचा दिया है। इसे बोलने वाले हैं- महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के मुखिया राज ठाकरे। जब वो मंच से कहते है- लाव रे व्हिडियो यानी वीडियो लाओ रे तो हजारों की तादाद में जुटे समर्थक तालियां और सीटियां बजाने लगते हैं। दरअसल, राज ठाकरे, पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर बेतहाशा हमलावर हैं और इसके लिए उन्होंने चुनी है एक बेहद खास रणनीति।
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रैलियों में लैपटॉप के जरिए प्रजेंटेशन देते राज ठाकरे
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राज ठाकरे ऑडियो-वीडियो और ग्राफिक्स से सजे पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के जरिए पीएम मोदी पर हल्ला बोल कर रहे हैं। वो बीते पांच साल के दौरान दिए पीएम के भाषणों को वीडियो के जरिए दिखाते हैं और फिर उन्हें अपने अंदाज में कठघरे में खड़ा करते हैं। उनकी रैली में शामिल होने वालों को भी ये अनोखा अंदाज खूब भा रहा है।
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लोगों से बात करते राज ठाकरे
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राज ठाकरे की पार्टी मनसे का एक भी उम्मीदवार इन चुनावों का हिस्सा नहीं है। जाहिर है, उनके लिए सीधा नफा-नुकसान दिखाई नहीं देता। लेकिन उनकी भीड़-जुटाऊ रैलियों ने भाजपा और शिवसेना को पसोपेश में डाल दिया। है। जब वो पीएम मोदी और भाजपा को आड़े हाथ लेंगे तो उसका फायदा कांग्रेस-एनसीपी के गठबंधन को मिलना तय माना जा रहा है।
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राज ठाकरे की रैली में उमड़ रही भीड़
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पहली बार कई मीडिया मंचों पर राज ठाकरे हिंदी में इंटरव्यू देते दिखाई दे रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि आप किस पार्टी का समर्थन कर रहे हैं तो उनका कहना था कि वो पीएम मोदी और अमित शाह का विरोध कर रहे हैं, समर्थन किसी का नहीं। जब उनसे दूसरा सवाल किया गया कि उनकी रणनीति खुद ब खुद कांग्रेस-एनसीपी को फायदा पहुंचा रही है तो राज ठाकरे ने कहा कि उन्हें फर्क नहीं पड़ता कि इससे फायदा किसे हो रहा है लेकिन नुकसान भाजपा को होना चाहिए।