{"_id":"5cc16ff2bdec225f7a077c9b","slug":"lok-sabha-chunav-2019-raj-thackeray-campaign-against-bjp-pm-modi-amit-shah-benefits-congress-ncp","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"राज ठाकरे ने बिना चुनाव लड़े, अपनी रैलियों से भाजपा-शिवसेना की नाक में दम कर रखा है","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
राज ठाकरे ने बिना चुनाव लड़े, अपनी रैलियों से भाजपा-शिवसेना की नाक में दम कर रखा है
Fri, 26 Apr 2019 08:52 AM IST
Prabudhh Jain
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Prabudhh Jain
Updated Fri, 26 Apr 2019 08:52 AM IST
विज्ञापन
राज ठाकरे की रैली
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महाराष्ट्र की सियासत में बीते कुछ दिनों से एक नारा बेहद मशहूर हो चला है- लाव रे तो व्हिडियो। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के मुखिया राज ठाकरे ने क्यों दिया ये नारा, इस नारे के मायने क्या हैं। जब ठाकरे की पार्टी मनसे लोकसभा चुनाव लड़ ही नहीं रही तो क्यों कर रहे हैं वो इतनी रैलियां और इन रैलियों में क्यों उमड़ रही है इतनी भीड़। चलिए ढूंढ़ते हैं इन सवालों के जवाब...
राज ठाकरे की रैली
- फोटो : Social Media
लाव रे व्हिडियो- वैसे ये किसी पार्टी का राजनीतिक नारा तो नहीं है लेकिन इसने राजनीति में कोहराम जरूर मचा दिया है। इसे बोलने वाले हैं- महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के मुखिया राज ठाकरे। जब वो मंच से कहते है- लाव रे व्हिडियो यानी वीडियो लाओ रे तो हजारों की तादाद में जुटे समर्थक तालियां और सीटियां बजाने लगते हैं। दरअसल, राज ठाकरे, पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर बेतहाशा हमलावर हैं और इसके लिए उन्होंने चुनी है एक बेहद खास रणनीति।
रैलियों में लैपटॉप के जरिए प्रजेंटेशन देते राज ठाकरे
- फोटो : Social Media
राज ठाकरे ऑडियो-वीडियो और ग्राफिक्स से सजे पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के जरिए पीएम मोदी पर हल्ला बोल कर रहे हैं। वो बीते पांच साल के दौरान दिए पीएम के भाषणों को वीडियो के जरिए दिखाते हैं और फिर उन्हें अपने अंदाज में कठघरे में खड़ा करते हैं। उनकी रैली में शामिल होने वालों को भी ये अनोखा अंदाज खूब भा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
लोगों से बात करते राज ठाकरे
- फोटो : Social Media
राज ठाकरे की पार्टी मनसे का एक भी उम्मीदवार इन चुनावों का हिस्सा नहीं है। जाहिर है, उनके लिए सीधा नफा-नुकसान दिखाई नहीं देता। लेकिन उनकी भीड़-जुटाऊ रैलियों ने भाजपा और शिवसेना को पसोपेश में डाल दिया। है। जब वो पीएम मोदी और भाजपा को आड़े हाथ लेंगे तो उसका फायदा कांग्रेस-एनसीपी के गठबंधन को मिलना तय माना जा रहा है।
विज्ञापन
राज ठाकरे की रैली में उमड़ रही भीड़
- फोटो : Social Media
पहली बार कई मीडिया मंचों पर राज ठाकरे हिंदी में इंटरव्यू देते दिखाई दे रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि आप किस पार्टी का समर्थन कर रहे हैं तो उनका कहना था कि वो पीएम मोदी और अमित शाह का विरोध कर रहे हैं, समर्थन किसी का नहीं। जब उनसे दूसरा सवाल किया गया कि उनकी रणनीति खुद ब खुद कांग्रेस-एनसीपी को फायदा पहुंचा रही है तो राज ठाकरे ने कहा कि उन्हें फर्क नहीं पड़ता कि इससे फायदा किसे हो रहा है लेकिन नुकसान भाजपा को होना चाहिए।