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Tej Pratap Yadav: 'सत्य की राह पर चलने वाले की हमेशा होती है जीत', लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप का ट्वीट

Sat, 07 Jun 2025 07:27 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/पटना Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sat, 07 Jun 2025 07:27 AM IST
सार

इससे पहले तेज प्रताप यादव ने 1 जनू को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ही खुद को सियासी साजिशों का मारा बताया था। उन्होंने माइक्राब्लॉगिंग साइट 'एक्स' पर लिखे पोस्ट में कुछ 'जयचंद जैसे लालची लोगों' पर निशाना साधा था। हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन सियासी गलियारे में तमाम नामों की चर्चा शुरू हो गई है। सभी अपने-अपने अनुमानों के हिसाब से अपने-अपने दावे करने लगे थे।

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Tej Pratap Yadav Cryptic Post on Social Media Twitter X, Truth Always Triumphs
तेज प्रताप यादव - फोटो : X/@TejYadav14

राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने एक नया पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किया है। उन्होंने शनिवार सुबह लिखा, 'सत्य के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति होता है सदा विजयी। हमें सदैव सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए। सत्य का मार्ग कठिन अवश्य है, पर विजय सदा सत्य के मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति की होती है। राजा हरीश चंद्र ने सत्य के मार्ग पर चलते हुए अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा को दोबारा प्राप्त किया। पाडवों ने सत्य के मार्ग पर चलते हुए कौरवों को युद्ध में हराया था।' इससे पहले तेज प्रताप ने बीते दिन एक और वीडियो पोस्ट साझा किया था। इसमें उन्होंने लिखा था, 'हमारे सभी सपने साकार हो सकते हैं; यदि हममें उन्हें पूरा करने का साहस हो।'


 


1 जून को किए थे दो ट्वीट

पहला पोस्ट सुबह 5.27 बजे
इससे पहले तेज प्रताप ने बीते रविवार को सुबह-सुबह पांच बजकर 27 मिनट में 'एक्स' पर एक भावुक पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने अपने पिता और मां के लिए अपने प्यार और सम्मान का इजहार किया, जबकि अपने खिलाफ राजनीति करने वालों को भी सख्त संदेश दिया था। उन्होंने लिखा था, 'मेरे प्यारे मम्मी पापा... मेरी सारी दुनिया बस आप दोनों में ही समाई है। भगवान से बढ़कर है आप और आपका दिया कोई भी आदेश। आप है तो सब कुछ है मेरे पास। मुझे सिर्फ आपका विश्वास और प्यार चाहिए न कि कुछ और। पापा आप नहीं होते तो न ये पार्टी होती और न मेरे साथ राजनीति करने वाले कुछ जयचंद जैसे लालची लोग। बस मम्मी पापा आप दोनों स्वस्थ और खुश रहे हमेशा।'

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दूसरा पोस्ट दोपहर 1.30 बजे
इसके बाद उन्होंने दोपहर एक बजकर 30 मिनट पर एक और ट्वीट किया। उन्होंने लिखा था, 'मेरे अर्जुन से मुझे अलग करने का सपना देखने वालों, तुम कभी अपनी साजिशों में सफल नही हो सकोगे, कृष्ण की सेना तो तुम ले सकते हो, लेकिन खुद कृष्ण को नहीं। हर साजिश को जल्द बेनकाब करूंगा। बस मेरे भाई भरोसा रखना। मैं हर परिस्थिति में तुम्हारे साथ हूं, फिलहाल दूर हूं, लेकिन मेरा आशीर्वाद हमेशा तुम्हारे साथ था और रहेगा। मेरे भाई मम्मी-पापा का ख्याल रखना, जयचंद हर जगह हैं, अंदर भी और बाहर भी।'

Tej Pratap Yadav Cryptic Post on Social Media Twitter X, Truth Always Triumphs
तेज प्रताप यादव - फोटो : Amar Ujala


Tej Pratap Yadav Cryptic Post on Social Media Twitter X, Truth Always Triumphs
तेज प्रताप यादव - फोटो : X/@TejYadav14

तेज प्रताप यादव ने 'जयचंद' किसे कहा? 
तेज प्रताप यादव ने अपने ट्वीट में किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन इशारों-इशारों में उन्होंने कई लोगों को निशाने पर लिया। राजनीतिक जानकारों की मानें तो तेज प्रताप का निशाना शुरू से ही उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव के करीबी और राज्यसभा सांसद संजय यादव पर रहा है। इससे पहले भी कई मौकों पर तेज प्रताप ने संजय यादव के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई है। चार साल पहले जब राजद युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष के पद से आकाश यादव को हटाया गया तो तेज प्रताप यादव ने पहले राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह और फिर संजय यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। उस वक्त तेज प्रताप यादव ने यहां तक कह दिया था कि पार्टी में हमारे विरोधी हमारी हत्या भी करा सकते हैं। इसके बाद संजय यादव पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा था कि हरियाणा का आदमी लालू परिवार और राजद में मतभेद पैदा कर सकता है। इस बयान के बाद भी तेज प्रताप कई जगह बिना नाम लिए अपने भाई के करीबी पर हमला बोलते दिखे। अब आज जब फिर से तेज प्रताप ने 'जयचंद' शब्द का प्रयोग किया तो लोग इसे पुराने विवाद ही से जोड़कर देखने लगे हैं।

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तेज प्रताप यादव - फोटो : X/@TejYadav14

कुछ अटकलें ऐसी भी
बिहार की सियासत को करीब से जानने वाले लोगों का मानना है कि तेज प्रताप से जुड़े घटनाक्रमों की शुरुआत तभी हो गई थी, जब बड़े तेज प्रताप यादव (स्वास्थ्य मंत्रालय समेत अन्य जिम्मेदारी) को छोटा पद देकर छोटे तेजस्वी यादव को उपमुख्यमंत्री बनाया गया। इसके बाद जब दोबारा मौका आया तो तेज प्रताप (पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय) के पद में और कटौती कर दी गई, जबकि तेजस्वी दोबारा उपमुख्यमंत्री बने। कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि अगर बिहार विधानसभा चुनाव इस साल नहीं होते तो शायद तेज प्रताप यादव पर कार्रवाई भी नहीं होती। चुनावी साल में तेजस्वी यादव के कद पर तेज प्रताप की बिगड़ती छवि से पड़ने वाले असर को देखते हुए उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

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लालू प्रसाद यादव का परिवार। - फोटो : अमर उजाला

फायदे-नुकसान का गणित भी समझें

  • 24 मई यानी शनिवार को तेज प्रताप का एक युवती के साथ फोटो वायरल हुई। तेज प्रताप यादव के सोशल मीडिया से ही यह जारी हुई। दावा किया गया कि तेज प्रताप उस युवती के साथ लंबे समय से रिलेशन में हैं। ऐश्वर्या राय के साथ तेज प्रताप की तलाक की अर्जी कोर्ट में लंबित है। ऐसे में तेज प्रताप की छवि दिन-पर-दिन बिगड़ती ही जा रही थी।
  • इसके बाद राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने तेज प्रताप को मर्यादा लांघने का दोषी मानकर पार्टी और परिवार से निष्कासित कर दिया। तेजस्वी ने कहा कि मुझे न यह सब अच्छा लगता है और न बर्दाश्त करते हैं।
  • इस फैसले के फायदे-नुकसान को देखें तो बिहार चुनाव पर इसका असर पड़ सकता है। तेजस्वी के बयान पर राजनीतिक विश्लेषकों को मानना है कि बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर तेजस्वी यादव अपनी राह में किसी को नहीं आने देना चाहते। तेज प्रताप की छवि उनकी राह में रोड़ा बन सकती थी।
  • सियासी गलियारों में चर्चा है कि चुनावी साल के नफा-नुकसान को देखते हुए तेज प्रताप का राजद में बने रहना लालू-तेजस्वी के लिए घाटे का सौदा हो सकता था। हालांकि, पार्टी से अलग होकर अगर तेज प्रताप अलग पार्टी बना लें या फिर निर्दलीय ही चुनावी मैदान में उतर जाएं तो भी वे कुछ तो असर डाल सकते हैं, लेकिन इसका पता तो चुनावों के बाद ही चलेगा।

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