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कौन हैं आराधना मिश्र मोना: बनाई गईं यूपी कांग्रेस की नई अध्यक्ष, नौ चुनाव जीत चुके इस 'अजेय नेता' की हैं बेटी
Fri, 02 Oct 2026 09:59 PM IST
राहुल कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: राहुल कुमार
Updated Fri, 02 Oct 2026 09:59 PM IST
सार
कांग्रेस ने चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश संगठन में बड़ा बदलाव किया। आराधना मिश्रा 'मोना' को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। वह अजय राय की जगह लेंगी। मोना तीन बार रामपुर खास से विधायक रह चुकी हैं। उनके पिता प्रमोद तिवारी भी कांग्रेस के बड़े नेता हैं। चुनाव से पहले कांग्रेस ने यह बदलाव क्यों किया? मोना के सामने यूपी में कौन-सी बड़ी चुनौतियां होंगी? क्या उनकी नई जिम्मेदारी कांग्रेस की रणनीति बदलेगी? उनका सियासी सफर कैसा रहा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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यूपी कांग्रेस की नई अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना।
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
अगले साल की शुरुआत में अलग-अलग राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल अभी से गर्म है। इस बीच कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में अपने संगठन में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने अजय राय को प्रदेशाध्यक्ष पद से हटाकर अब आराधना मिश्र उर्फ मोना को यूपी कांग्रेस का अध्यक्ष पद सौंपा है। इस बड़े बदलाव को कांग्रेस की विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच एक अहम कदम माना जा रहा है।
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ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर आराधना मिश्र 'मोना' कौन हैं? उनकी सियासी पहचान क्या है? निजी जीवन में आराधना के बारे में क्या-क्या सार्वजनिक है? क्यों पार्टी उत्तर प्रदेश में उन्हें आगे कर चुनाव की तरफ कदम बढ़ा रही है? आइये जानते हैं...
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पहले जानें- कौन हैं आराधना मिश्रा?
आराधना मिश्रा 'मोना' की पारिवारिक पृष्ठभूमि राजनीतिक और सामाजिक रूप से काफी प्रतिष्ठित रही है। उनके पिता प्रमोद तिवारी कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद हैं, जो कि मौजूदा समय में राज्यसभा में उपनेता प्रतिपक्ष) हैं। वे उत्तर प्रदेश की रामपुर खास विधानसभा सीट से लगातार 9 बार विधायक रहे हैं और एक ही पार्टी व निशान से लगातार जीतने का उनका रिकॉर्ड गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है।
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आराधना मिश्रा मोना।
- फोटो : अमर उजाला
कितनी संपत्ति की मालकिन हैं आराधना मिश्रा?
साल 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (रामपुर खास, प्रतापगढ़) के लिए दाखिल चुनावी हलफनामे के मुताबिक, आराधना मिश्रा 'मोना' की संपत्ति उनके पहले चुनाव (2014) से लेकर उनके हालिया चुनाव (2022) तक लगातार बढ़ी है।- आराधना मिश्रा की खुद की चल संपत्ति लगभग ₹1.07 करोड़ है। 2022 में उनके पास कुल 30 हजार रुपये नकद, 400 ग्राम सोना और 2 किग्रा चांदी थी।
- आराधना के पास ₹1.25 लाख की पिस्टल, लैपटॉप और मोबाइल फोन भी चल संपत्ति के तौर पर मौजूद हैं। उनके पति के पास भी एक पिस्टल और 1 बंदूक है।
- उनके पति अंबिका मिश्रा के पास लगभग ₹4.95 करोड़ की संपत्ति है। उनके पास मस्टैंग की जीटी कार है, जिसकी कीमत 45 लाख रुपये बताई गई थी।
- इसके अलावा आराधना के पति के पास 50 ग्राम सोना, पांच किग्रा चांदी और ₹6 लाख के रत्न थे। अम्बालिका कंस्ट्रक्शन और अन्य कंपनियों में शेयर से उनके पास 2.26 करोड़ की संपत्ति थी।
- आराधना के आश्रितों के पास लगभग ₹3.33 लाख के बैंक डिपॉजिट/चल संपत्ति दर्शायी गई थी।
आराधना मिश्रा की राजनीति पृष्ठभूमि?
तीन बार विधायक रह चुकीं आराधना मिश्रा दो दशक से ज्यादा समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हैं। उनके परिवार का भी राजनीति से गहरा नाता रहा है। उनके पिता प्रमोद तिवारी भी कांग्रेस के कद्दावर नेता हैं। आराधना मिश्रा ने पहली बार 2014 के उपचुनाव में रामपुर खास से जीत दर्ज की थी। इसके बाद उन्होंने 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भी इसी सीट से जीत हासिल की। आराधना मिश्रा को प्रियंका गांधी वाड्रा का करीबी माना जाता है। उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रियंका गांधी के 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' अभियान में भी उनके साथ काम किया था।
आराधना मिश्रा के पिता प्रमोद तिवारी रामपुर खास सीट से 9 बार लगातार जीत चुके हैं। प्रमोद तिवारी इस सीट से पहली बार 1980 में जीते थे। उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। वह एक दल, एक क्षेत्र और एक चुनाव चिह्न के साथ नौ बार जीते हैं, जो एक रिकॉर्ड है। प्रमोद तिवारी 1984 से 1989 के बीच दो बार राज्य मंत्री बने।
अन्य नियुक्तियां
कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में दो वरिष्ठ उपाध्यक्षों की भी नियुक्ति की गई है। इनमें देविंदर निषाद और आलोक प्रसाद शामिल हैं। सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। पार्टी ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के योगदान की सराहना की है।
तीन बार विधायक रह चुकीं आराधना मिश्रा दो दशक से ज्यादा समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हैं। उनके परिवार का भी राजनीति से गहरा नाता रहा है। उनके पिता प्रमोद तिवारी भी कांग्रेस के कद्दावर नेता हैं। आराधना मिश्रा ने पहली बार 2014 के उपचुनाव में रामपुर खास से जीत दर्ज की थी। इसके बाद उन्होंने 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भी इसी सीट से जीत हासिल की। आराधना मिश्रा को प्रियंका गांधी वाड्रा का करीबी माना जाता है। उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रियंका गांधी के 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' अभियान में भी उनके साथ काम किया था।
आराधना मिश्रा के पिता प्रमोद तिवारी रामपुर खास सीट से 9 बार लगातार जीत चुके हैं। प्रमोद तिवारी इस सीट से पहली बार 1980 में जीते थे। उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। वह एक दल, एक क्षेत्र और एक चुनाव चिह्न के साथ नौ बार जीते हैं, जो एक रिकॉर्ड है। प्रमोद तिवारी 1984 से 1989 के बीच दो बार राज्य मंत्री बने।
अन्य नियुक्तियां
कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में दो वरिष्ठ उपाध्यक्षों की भी नियुक्ति की गई है। इनमें देविंदर निषाद और आलोक प्रसाद शामिल हैं। सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। पार्टी ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के योगदान की सराहना की है।