कनाडा और आयरलैंड के शीर्ष राजनयिक सोमवार को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए। यह कार्यक्रम एअर इंडिया फ्लाइट 182 कनिष्क बम विस्फोट की 40वीं बरसी पर आयोजित किया गया। इस मौके पर उन्होंने हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के साथ एकजुटता दिखाई।
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कनिष्क बम विस्फोट में जान गंवाने वालों की याद में बनाई गई स्मारक
- फोटो : एएनआई
गौरतलब है कि 23 जून 1985 को एअर इंडिया का बोइंग 747 विमान, जो मॉन्ट्रियल से लंदन और फिर दिल्ली जा रहा था, 9,400 मीटर की ऊंचाई पर बम से उड़ा दिया गया था। यह हादसा आयरिश हवाई क्षेत्र में अटलांटिक महासागर में हुआ। इस हादसे में विमान में सवार 329 लोग मारे गए थे, जिनमें से ज्यादातर भारतीय मूल के कनाडाई नागरिक थे।
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आयरलैंड में पीड़ितों की याद में बनाई गई स्मारक पर श्रद्धांजलि देते लोग
- फोटो : एएनआई
हर साल पीड़ितों को श्रद्धांजलि देते हैं परिवार
कनाडा के उच्चायोग द्वारा जारी बयान के अनुसार, हर साल विमान यात्रियों और चालक दल के परिवार के सदस्य पीड़ितों के लिए बनाए गए विभिन्न स्मारकों पर जाकर श्रद्धांजलि देते हैं। इस साल दिल्ली में कनाडा हाउस में एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम हुआ, जिसमें कनाडा की राजनयिक जेनिफर डौबेनी और भारत में आयरलैंड के राजदूत केविन केली भी शामिल हुए। भारत सरकार के अधिकारी और कई विदेशी राजनयिक भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे। इस मौके पर हाल ही में अहमदाबाद में हुए एअर विमान हादसे के पीड़ितों की याद में एक मिनट का मौन भी रखा गया।
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कनिष्क बम विस्फोट में जान गंवाने वालों की याद में लगाई गई पट्टिका
- फोटो : एएनआई
एस जयशंकर ने पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की
इससे पहले दिन में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एअर इंडिया 182 कनिष्क बम विस्फोट के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'कनिष्क बम विस्फोट आतंकवाद के सबसे बुरे कृत्यों में से एक था। उन्होंने कहा कि यह घटना दुनिया को याद दिलाती है कि आतंकवाद और हिंसा को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।'
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आयरलैंड में पीड़ितों की याद में बनाई गई स्मारक
- फोटो : एएनआई
जापान में हुआ था एक और धमाका
उसी दिन जापान के नारिता हवाई अड्डे पर एक और बम विस्फोट हुआ था, जिसमें दो लोग मारे गए थे। यह भी उसी साजिश का हिस्सा माना जाता है।