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कनिष्क विमान हादसे की बरसी: जयशंकर ने मृतकों को दी श्रद्धांजलि, बोले- आतंकवाद की सबसे भयावह घटनाओं में से एक

Mon, 23 Jun 2025 05:01 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Mon, 23 Jun 2025 05:01 PM IST
सार

1985 में हुए एयर इंडिया 'कनिष्क' बम धमाके की 40वीं बरसी पर 329 निर्दोष लोगों को याद किया गया। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मृतकों को श्रद्धांजलि दी। साथ ही उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा आतंकी हमला था जो दुनिया को यह सिखाता है कि आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

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Reminder of why world must show zero tolerance towards terrorism: EAM on anniversary of 'Kanishka' bombing
एस जयशंकर, विदेश मंत्री - फोटो : पीटीआई

विस्तार

एयर इंडिया की फ्लाइट 182 'कनिष्क' हादसे की 40वीं बरसी पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि यह घटना आतंकवाद की सबसे भयानक घटनाओं में से एक है और दुनिया को यह याद दिलाती है कि आतंकवाद और कट्टरपंथ के खिलाफ जीरो टॉलरेंस जरूरी है। जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि हम एयर इंडिया 182 'कनिष्क' बम विस्फोट की 40वीं बरसी पर 329 मासूम लोगों को याद कर रहे हैं। यह एक ऐसा आतंकी हमला था जो दुनिया को यह सिखाता है कि आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

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बता दें कि आज के दिन ही यह हादसा 23 जून 1985 को हुआ था, जब मॉन्ट्रियल से दिल्ली जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पहुंचने से पहले ही बीच रास्ते में विस्फोट से उड़ गई थी। इस हादसे में सभी 329 यात्रियों की मौत हो गई थी, जिनमें अधिकतर भारतीय मूल के कनाडाई नागरिक थे। देश को झकझोर देने वाले इस हादसे में पीड़ितों के परिवारजन हर साल विभिन्न स्मारकों पर एकत्र होकर उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं।
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हरदीप सिंह पुरी ने भी दी श्रद्धांजलि
इससे पहले केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी आयरलैंड के कॉर्क शहर में स्थित अहाकिस्ता मेमोरियल पर जाकर पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने बताया कि इस मौके पर आयरलैंड के प्रधानमंत्री माइकल मार्टिन, कनाडा के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री गैरी आनंदसंगरी और भारतीय प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्य भी मौजूद थे।

पुरी ने एक दिन पहले अपने सोशल मीडिया पर लिखा था कि वह हीथ्रो एयरपोर्ट से कॉर्क जा रहे हैं ताकि इस स्मृति समारोह में भाग ले सकें। उन्होंने इस आतंकी हमले को मानवता के खिलाफ सबसे अमानवीय आतंकी हमलों में से एक बताया। साथ ही उन्होंने यह भी याद किया कि 2019 में उन्होंने टोरंटो के हम्बर बे पार्क स्थित कनिष्क मेमोरियल पर भी श्रद्धांजलि दी थी और वहां पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात कर उनका दुख साझा किया था।

Reminder of why world must show zero tolerance towards terrorism: EAM on anniversary of 'Kanishka' bombing
आयरलैंड में कनिष्क हादसे के मृतकों की याद में बना स्मारक। - फोटो : ANI/वीडियो ग्रैब
कनिष्क बम विस्फोट मामला क्या था? 
गौरतलब है कि 23 जून 1985 को एअर इंडिया की फ्लाइट 182 ने मॉन्ट्रियल से लंदन के लिए उड़ान भरी। इसे नई दिल्ली जाना था। एअर इंडिया का यह विमान एक बोइंग 747 जंबो जेट था। जिसे सम्राट कनिष्क के नाम पर कनिष्क नाम दिया गया था। वैंकूवर में एक सूटकेस कार्गो में चेक इन किया गया। इस सूटकेस में बम रखा हुआ था।   

विमान आयरिश हवाई क्षेत्र में था। तभी एक जोरदार धमाका हुआ। जमीन से 31 हजार फीट की ऊंचाई पर हुए इस धमाके में विमान सवार 22 क्रू मेंबर और सभी 307 यात्री मारे गए। इनमें 268 कनाडाई, 27 ब्रिटिश और 24 भारतीय नागरिक मारे गए। कनाडाई नगारिकों में कई भारतीय मूल के लोग भी थे।  

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धमाके के मारे गए लोगों में से केवल 132 शव ही बरामद किए जा सके थे। बाकी 197 शवों का पता तक नहीं चल पाया। धमाके में मारे गए लोगों में नदिया के पार फिल्म में एक्टर सचिन के बड़े भाई की भूमिका निभाने वाले इंद्र ठाकुर भी शामिल थे। इंद्र के साथ उनकी पत्नी प्रिया और उनके बेटे की भी जान इस आतंकी हमले में चली गई थी। धमाके के वक्त विमान हीथ्रो एयरपोर्ट से महज 45 मिनट की दूरी पर था। धमाके के बाद विमान टुकड़े-टुकड़े हो गया। विमान के टुकड़े अटलांटिक महासागर में जा गिरे। 

कनाडा और भारतीय जांच में पता चला कि इस बम धमाके की योजना बनाने का काम और उसका क्रियान्वयन कनाडा में रहने वाले सिख अलगावादियों ने किया था। ये अलगावादी पंजाब में सक्रिय उग्रवादियों के निर्देश पर काम कर रहे थे। जांचकर्ताओं ने बताया कि बम धमाकों को आतंकवादी समूह बब्बर खालसा ने ऑपरेशन ब्लू स्टार का बदला लेने के लिए अंजाम दिया था।
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