भारत की सेना दुनिया की सबसे बड़ी और प्रमुख सेनाओं में से एक है। हमारे देश में करीब 14 लाख से ज्यादा सक्रिय सैनिकों की ताकत है। हमारी सेना मुख्यतः तीन भागों में बंटी हैं - थल सेना (Indian Army), नौसेना (Indian Navy) और वायु सेना (Indian Air Force)। इनके अंतर्गत कई शाखाएं आती हैं। ये सशस्त्र सेनाएं देश के हर हिस्से की सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं।
देश की सेनाओं के ध्येय वाक्य, जिससे झलकता है सैनिकों के शौर्य, साहस और पराक्रम
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थलसेना का ध्येय वाक्य है 'सर्विस बिफोर सेल्फ'।
इसका अर्थ है - खुद से पहले सेवा।
आर्मी एयर डिफेंस का ध्येय वाक्य है 'आकाशे शत्रुन् जहि'।
इसका अर्थ है - आकाश में ही शत्रु को मार दो।
भारतीय वायु सेना का ध्येय वाक्य है 'नभस्पर्शं दीप्तम्'।
इसका अर्थ है - गर्व से आकाश को छुओ। यह वाक्य गीता के ग्यारहवें अध्याय से लिया गया है। जहां महाभारत के महायुद्ध के दौरान कुरुक्षेत्र में भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को उपदेश दे रहे हैं। यह उसी का एक अंश है।
भारतीय नौसेना का ध्येय वाक्य है 'शन्नो वरुणः'।
इसका अर्थ - समुद्र के देवता हम पर कृपा करो।