हिमाचल प्रदेश में भाजपा के हाथ से सत्ता चली गई। 12 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे गुरुवार को घोषित हो गए। इस बार भाजपा 25 सीटों पर ही सिमट गई। कांग्रेस के 40 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। अब हिमाचल देश का छठवां राज्य होगा, जहां कांग्रेस सत्ता में होगी। इनमें तीन राज्य ऐसे हैं, जहां कांग्रेस गठबंधन के साथ सरकार में है।
हिमाचल प्रदेश की इस हार के काफी सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। खासतौर पर 2024 लोकसभा चुनाव को देखते हुए। सूबे में चार लोकसभा सीटें हैं। 2019 में इनमें चारों सीट पर भारतीय जनता पार्टी को जीत मिली थी। हालांकि, 2021 में हुए मंडी उपचुनाव में कांग्रेस की प्रतिभा सिंह यहां से जीत गई थीं।
अगर लोकसभा क्षेत्र के हिसाब से इस विधानसभा चुनाव की हार को देखा जाए तो मंडी को छोड़कर सभी लोकसभा क्षेत्र में भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा। इनमें केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर का क्षेत्र हमीरपुर और कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह का क्षेत्र मंडी भी है। आइए जानते हैं अनुराग ठाकुर कितनी सीटें भाजपा को दिला पाए? भाजपा के अन्य दोनों सांसदों का क्या रहा रिपोर्ट कार्ड?
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अनुराग ठाकुर
- फोटो : सोशल मीडिया
शुरुआत अनुराग ठाकुर से करते हैं
केंद्र सरकार में सूचना एवं प्रौद्योगिकी, युवा कल्याण एवं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर की लोकसभा क्षेत्र में कुल 17 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें श्रीनैना देवीजी, घुमारवीं, बिलासपुर, झंडूता, कुटलैहड़, ऊना, हरोली, गगरेट, चिंतापूर्णी, नादौन, बड़सर, हमीरपुर, सुजानपुर, भोरंज, धरमपुर, जसवान परागपुर, डेहरा सीट शामिल है। हमीरपुर में पांच सीटें भाजपा ने जीतीं, दो पर निर्दलियों को जीत मिली।
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सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर
- फोटो : social media
वहीं, दस सीटें कांग्रेस के खाते में गईं। जिन 12 सीटों पर कांग्रेस या फिर निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की उनमें डेहरा , धरमपुर, भोरंज, हरोली, गगरेट, चिंतापूर्णी, नादौन, बड़सर, हमीरपुर, सुजानपुर, कुटलैहड़, घुमारवीं शामिल हैं।भाजपा केवल पांच सीट जसवां परागपुर, ऊना, झंडूता, बिलासपुर और श्रीनैना देवीजी ही जीत पाई। यही नहीं, अनुराग ठाकुर अपने पैतृक क्षेत्र भोरंज, आवासीय क्षेत्र हमीरपुर और पिता प्रेमसिंह धूमल की सीट सुजानपुर भी भाजपा को नहीं जीता पाए।
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भाजपा सांसद किशन कपूर
- फोटो : अमर उजाला
अब कांगड़ा सांसद किशन कपूर के क्षेत्र का रिजल्ट भी देख लेते हैं
कांगड़ा लोकसभा के दायरे में कुल 17 विधानसभा सीटें हैं। इनमें 12 सीटों पर कांग्रेस की जीत हुई, जबकि पांच पर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों ने सफलता हासिल की। कांगड़ा लोकसभा से भारतीय जनता पार्टी के किशन कपूर सांसद हैं। किशन कपूर का परफॉरमेंस भी काफी खराब रहा। कपूर अपनी लोकसभा की ज्यादातर सीटें हार गए। कांग्रेस ने जिन सीटों पर जीत हासिल की, उनमें भाट्टियात, बैजनाथ, चंबा, इंदौरा, फतेहपुर, ज्वाली, ज्वालामुखी, जयसिंहपुर, नगरोटा, शाहपुर, धर्मशाला, पालमपुर शामिल हैं। जबकि, जहां से भाजपा प्रत्याशियों की जीत हुई, उनमें चुरह, डलहौजी, नुरपूर, सुलह, कांगड़ा सीट शामिल हैं।
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सुरेश कुमार कश्यप, सांसद शिमला
- फोटो : अमर उजाला
शिमला में सबसे बुरा हाल
शिमला लोकसभा से सुरेश कुमार कश्यप सांसद हैं। इस लोकसभा सीट के दायरे में 17 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। यहां भाजपा केवल तीन सीटें जीत सकी। एक सीट पर निर्दलीय केएल ठाकुर जीतने में सफल रहे। जबकि, बाकी 13 सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की। भाजपा को केवल चौपाल,पच्छाद और पोंटा साहिब में जीत मिली।