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GST Council: कर चोरी रोकने के लिए जीएसटी परिषद का बड़ा कदम, 'ट्रैक एंड ट्रेस' तंत्र को मंजूरी दी; जानें सबकुछ

Sun, 22 Dec 2024 08:31 AM IST
अभिषेक दीक्षित बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sun, 22 Dec 2024 08:31 AM IST
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GST Council Approves Track And Trace Mechanism For Evasion-Prone Commodities Latest News Update
जीएसटी काउंसिल का अहम फैसला - फोटो : Amar Ujala
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एसटी परिषद ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) चोरी रोकने के लिए अहम कदम उठाया है। बीते दिन हुई बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। इसमें कर चोरी की आशंका वाली कुछ वस्तुओं के लिए 'ट्रैक एंड ट्रेस' तंत्र लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी देना भी शामिल है। इसके तहत ऐसी वस्तुओं या पैकेट पर एक विशिष्ट चिह्न लगाया जाएगा, ताकि आपूर्ति श्रृंखला में उनका पता लगाया जा सके।

इसका मकसद क्या?
इसका मकसद केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) अधिनियम, 2017 में धारा 148ए के माध्यम से एक प्रावधान शामिल करना है, ताकि सरकार को कर चोरी की संभावना वाले उत्पादों पर नजर रखने और पता लगाने (ट्रैक एंड ट्रेस) के तंत्र को लागू करने के लिए सशक्त बनाया जा सके।

GST Council Approves Track And Trace Mechanism For Evasion-Prone Commodities Latest News Update
जीएसटी काउंसिल की बैठक - फोटो : ANI

प्रणाली के बारे में जानिए
वित्त मंत्रालय ने परिषद की 55वीं बैठक में लिए गए निर्णयों के बारे में बताते हुए कहा कि यह प्रणाली विशिष्ट पहचान चिह्न पर आधारित होगी। इसे वस्तुओं या उनके पैकेट पर चिपकाया जाएगा। इससे ऐसी प्रणाली विकसित करने के लिए कानूनी ढांचा उपलब्ध होगा। इसके अलावा आपूर्ति श्रृंखला में निर्दिष्ट वस्तुओं का पता लगाने के लिए तंत्र के कार्यान्वयन में मदद भी मिलेगी।

GST Council Approves Track And Trace Mechanism For Evasion-Prone Commodities Latest News Update
जीएसटी काउंसिल की बैठक - फोटो : ANI

वित्त मंत्रालय ने क्या बताया?
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, 'यह स्पष्ट किया जाता है कि अपंजीकृत प्राप्तकर्ताओं को ऑनलाइन मनी गेमिंग, ओआईडीएआर सेवाओं आदि जैसी ऑनलाइन सेवाओं की आपूर्ति के संबंध में आपूर्तिकर्ता को कर चालान पर अपंजीकृत प्राप्तकर्ता के राज्य का नाम अनिवार्य रूप से दर्ज करना आवश्यक है और प्राप्तकर्ता के राज्य का ऐसा नाम आईजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 12(2)(बी) के प्रयोजन के लिए प्राप्तकर्ता के रिकॉर्ड में दर्ज पता माना जाएगा, जिसे सीजीएसटी नियम, 2017 के नियम 46(एफ) के प्रावधान के साथ पढ़ा जाएगा।'

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GST Council Approves Track And Trace Mechanism For Evasion-Prone Commodities Latest News Update
जीएसटी काउंसिल की बैठक - फोटो : ANI

पॉपकॉर्न पर जीएसटी को लेकर साफ किया रुख
जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ किया कि पहले से पैक और लेबल के साथ पॉपकॉर्न पर 12% का टैक्स लगाया जाएगा। अगर इसमें चीनी मिलाई गई है तो उस पर 18% की दर से जीएसटी जीएसटी लागू रहेगा। इसकी कीमतों पर परिषद अलग से सर्कुलर जारी करेगी। पॉपकॉर्न पर पहले जैसे ही तीन तरह के टैक्स लगेंगे। पहला नमक और मसाले मिलाकर खाने के लिए तैयार किए गए और पैक्ड हैं, लेकिन उन पर कोई लेबल नहीं लगा है। ऐसे पैक्ड पॉपकॉर्न पर 5% जीएसटी लागू होगा। पैकेट पर लेबल भी लगा है तो उस पर जीएसटी बढकर 12 फीसदी हो जाएगा। ये सभी टैक्स पहले से ही लागू हैं, अब इनको स्पष्ट कर दिया गया है। वित्त मंत्री ने मीडिया में दुष्प्रचार से बचने की अपील करते हुए कहा, ये सभी टैक्स पहले से ही लागू हैं। जीएसटी ने अब इन्हें स्पष्ट किया है।

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जीएसटी काउंसिल की बैठक - फोटो : ANI

पुराना वाहन खरीदना होगा महंगा
अगर आप पुराने वाहन खरीदने के इच्छुक हैं, तो अब इस पर 18% जीएसटी देना होगा। पहले यह दर 12% थी। यह तब लागू होगी, जब आप किसी कंपनी से खरीद रहे हैं। जीएसटी केवल खरीद-बिक्री पर होने वाले लाभ पर लगेगा। अगर किसी व्यक्ति से खरीद रहे हैं, तो कोई टैक्स नहीं लगेगा। नए इलेक्ट्रिक वाहन पर पहले की तरह 5% जीएसटी लगेगा। जीएसटी परिषद ने यह भी स्पष्ट किया कि कर्ज की शर्त नहीं मानने वाले ग्राहकों पर बैंक या वित्तीय संस्थान कोई जुर्माना लगाते हैं, तो उस पर कोई जीएसटी नहीं लगेगा। 

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