सरकार को नहीं पता है कि शाहरुख, कंगना और रजनीकांत की फिल्में विदेशों में कितनी कमाई करती हैं। यहां तक कि सरकार को यह भी नहीं पता है कि देश की जो कंपनियां विदेशी कंपनियों को एनिमेशन, गेमिंग और विजुअल इफेक्ट जैसी सेवाएं दे रही हैं, उन्हें विदेशी मुद्रा में कितनी कमाई हो रही है? लेकिन अब सरकार इन सब के बारे में जानना चाहती है।
इकनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक सरकार ने 'ट्रेड इन सर्विसेज' का डाटा जुटाने का प्लान बनाया है। खबर के मुताबिक न केवल एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री बल्कि लॉजिस्टिक्स, टेलिकॉम और अकाउंटिंग, लॉ, मेडिकल टूरिजम, मार्केट रिसर्च से विदेशी मुद्रा में होने वाली कमाई की जानकारी हासिल करना चाहती है सरकार।
दरअसल सरकार के लिहाज से यह बड़ा काम है। ग्लोबल सर्विस ट्रेड में भारत की भागीदारी अभी भी मात्र 5 प्रतिशत है जबकि पिछले एक दशक में इसमें दोगुनी से अधिक बढ़ोतरी हुई है। नाम नहीं छापने की शर्त पर सरकारी अधिकारियों ने इकनॉमिक टाइम्स को बताया कि सरकार के इस कदम से ग्लोबल सर्विस ट्रेड में बढ़ोत्तरी होने वाली है।
इकनॉमिक टाइम्स को अधिकारियों ने बताया कि उन कंपनियां पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है जो इसकी जानकारी नहीं देंगी। दरअसल सरकार का इसके पीछे का मकसद ग्लोबल सर्विस ट्रेड से हो रही भारत की कमाई के आंकड़े जानना है।
हालांकि अधिकारियों ने बताया कि सरकार के इस कदम से कंपनियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। दरअसल सरकार इन आंकड़ों को सार्वजनिक नहीं करेगी। वहीं अधिकारियों का यह भी मानना है कि इनकम टैक्स के झंझट के चलते कंपनियां अपने आंकड़े देने में आनाकानी कर सकती हैं कर सकती हैं।