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'फ्री कश्मीर' प्लाकार्ड विवाद: पुलिस ने की प्रदर्शनकारी महक के खिलाफ केस बंद करने की मांग

Tue, 29 Dec 2020 10:36 AM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: अनवर अंसारी Updated Tue, 29 Dec 2020 10:36 AM IST
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Free Kashmir placard dispute police demands closure of case against protesters Mehak Mirza Prabhu
महक मिर्जा प्रभु (फाइल फोटो) - फोटो : social media

लगभग एक साल पहले दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों पर नकाबपोश भीड़ द्वारा किए गए क्रूर हमले के विरोध में मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान महक मिर्जा प्रभु (37) के खिलाफ 'फ्री कश्मीर' प्लाकार्ड को लेकर जो आरोप लगे थे, वे सही नहीं पाए गए हैं। कोलाबा पुलिस ने हाल ही में एस्प्लेनेड अदालत के समक्ष सी सारांश रिपोर्ट पेश की है, जिसमें कहा गया है कि महक के खिलाफ लगाए गए आरोप सही नहीं है।   

Free Kashmir placard dispute police demands closure of case against protesters Mehak Mirza Prabhu
महक मिर्जा प्रभु - फोटो : सोशल मीडिया

सोमवार को पुलिस ने 36 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की, जिनमें ज्यादातर वकील, कार्यकर्ता, छात्र, कलाकार और शिक्षाविद शामिल थे। इन लोगों पर पांच और छह जनवरी को कथित प्रदर्शन में भाग लेने का आरोप हैं, जहां नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के खिलाफ नारेबाजी की गई। 36 आरोपियों में से 29 अदालत में पेश हुए और 10,000 रुपये के निजी मुचलके पर इन्हें जमानत दी गई। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी।

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Free Kashmir placard dispute police demands closure of case against protesters Mehak Mirza Prabhu
महक मिर्जा प्रभु - फोटो : सोशल मीडिया

महक पर सात जनवरी को आईपीसी की धारा 153 बी के तहत मामला दर्ज किया गया था। हालांकि, जांच के बाद पुलिस को कोई दुर्भावनापूर्ण उद्देश्य नहीं मिला है। ऐसे में महक को बरी कर दिया जाएगा। पुलिस ने मामले में सी सारांश रिपोर्ट दायर की है और अदालत बाद में इसे स्वीकार या अस्वीकार करने का फैसला करेगी। सी सारांश रिपोर्ट तब दर्ज की जाती है, जब व्यक्ति पर गलती से मामला दर्ज किया जाता है या फिर उसके खिलाफ गलत शिकायत दर्ज की जाती है। 

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Free Kashmir placard dispute police demands closure of case against protesters Mehak Mirza Prabhu
महक मिर्जा प्रभु - फोटो : सोशल मीडिया

सोमवार को सौंपी गई चार्जशीट में वकील मिहिर देसाई, लारा जेसानी, और सुजान अब्राहम, पत्रकार जतिन देसाई और कार्यकर्ता सुवर्णा साल्वे, सलीम साबुवाला और फिरोज मीठीबोरवाला शामिल हैं। उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 143 (गैरकानूनी तरीके से जमा होना) और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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महक मिर्जा प्रभु - फोटो : सोशल मीडिया

पुलिस ने अपनी चार्जशीट में कहा है कि गेटवे ऑफ इंडिया पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने के बावजूद इन लोगों ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने कहा कि वे इसके बजाय आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन कर सकते थे। 

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