टोक्यो में शनिवार (7 अगस्त) का दिन भारत के लिए स्वर्णिम साबित हुआ। नीरज चोपड़ा ने सिर्फ सोने के मेडल पर अपना नाम लिखवाया, बल्कि अपनी बातों से लोगों को सोने जैसी सीख भी दी। दरअसल, उन्होंने अपनी कामयाबी के सफर की पूरी दास्तां बयां की, जो हर किसी के लिए बड़ी सीख साबित हो सकती है। बता दें कि टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने अपने दूसरे प्रयास में 87.58 मीटर भाला फेंका। इसके साथ ही, उन्होंने यह तय कर दिया कि सोने के तमगे पर उनका नाम लिखा जा चुका है। इस रिपोर्ट में हम आपको नीरज की पांच बड़ी सीख से रूबरू करा रहे हैं।
सोने जैसी सोच: नीरज चोपड़ा की पांच बड़ी सीख, जो बता रही हैं कामयाबी हासिल करने का रास्ता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार संभव
Updated Sat, 07 Aug 2021 10:19 PM IST
सार
टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने अपने दूसरे प्रयास में 87.58 मीटर भाला फेंका। इसके साथ ही, उन्होंने यह तय कर दिया कि सोने के तमगे पर उनका नाम लिखा जा चुका है। इस रिपोर्ट में हम आपको नीरज की पांच बड़ी सीख से रूबरू करा रहे हैं।
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