मध्यप्रदेश की फार्मासिस्ट वंदना तिवारी की मौत को झूठा सांप्रदायिक रंग देकर किया जा रहा है वायरल
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वायरल तस्वीर की हकीकत
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विस्तार
कोरोना संक्रमण के समय पूरी दुनिया में तमाम वीडियो और तस्वीरें गलत दावों के साथ खूब वायरल हो रही हैं। ऐसे में सच और झूठ की सावधानी रखना बेहद जरूरी है। इन दिनों एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें एक घायल महिला की तस्वीर सोशल मीडिया पर देखी जा रही है। जिसमें दावा किया जा रहा है कि वो उत्तर-प्रदेश में कोरोना के मरीजों का इलाज करने के लिए गई थी जहां पर कथित इस्लामिक जिहादियों ने उनपर हमला कर दिया। जिससे उन्हें गंभीर चोट आई और उनकी मौत हो गई है। अमर उजाला ने इसकी पड़ताल की और पाया ये दावा फर्जी है।
दावाकर्ता- सोशल मीडिया यूजर्स
दावे का आधार- एक वायरल तस्वीर और उसपर लिखा डिस्क्रिप्शन।
क्या किया जा रहा है दावा- वायरल वीडियो को इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि वो उत्तर-प्रदेश में कोरोना के मरीजों का इलाज करने के लिए गई थी जहां पर कथित इस्लामिक जिहादियों ने उनपर हमला कर दिया। जिससे उन्हें गंभीर चोट आई और उनकी मौत हो गई है।
वंदना तिवारी को ब्रेन हेमरेज हुआ था
सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर यह तस्वीर अलग अलग माध्यमों से शेयर की जा रही है।
पड़ताल की शुरुआत करते हुए सबसे पहले ध्यानपूर्वक तस्वीर को देखा
तस्वीर में क्या दिख रहा है-
- तस्वीर में देखा जा सकता है महिला के सिर पर बहुत गंभीर चोट दिख रही है।
- महिला अस्पताल के बिस्तर पर है।
- उनके शरीर में कई सारी ट्यूब्स लगीं हैं ।
- सिर के ऊपर पट्टी बंधी हुई है।
- वायरल संदेश में बताया गया है कि ये महिला मध्य-प्रदेश की डॉक्टर वंदना तिवारी हैं।
इस वायरल पोस्ट के साथ एक कैप्शन भी जिसके अनुसार,'मित्रों दुखद खबर डॉक्टर वंदना तिवारी जी की मृत्यु हो गई | वह पिछले हफ्ते ही यूपी के एक गांव में कोरोना टेस्ट के लिए गई थी? लेकिन जिहादियों ने उन पर हमला करके गंभीर रूप से घायल कर दिया था ! लोगों के जीवन बचाने में जुटी एक योद्धा पिछले सात दिन से अपना जीवन बचाने के लिए मौत से लड़ रही थी पर वो हार गई!! भावपूर्ण श्रद्धाजंली'
- इस तस्वीर को रिवर्स इमेज सर्च किया और हमें 7 अप्रैल 2020 की एक रिपोर्ट मिली, यह रिपोर्ट ‘भोपाल समाचार’ की थी।
- रिपोर्ट के मुताबिक- शिवपुरी मेडिकल कॉलेज की मेडिकल वर्कर वंदना तिवारी कोरोना संक्रमण के खिलाफ काम करने वाली टीम में कार्यरत थीं।
- 31 मार्च के दिन अचानक से ऑन ड्यूटी उनकी तबीयत खराब हुई और उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया जहां पर उनको भर्ती किया गया।
- उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई, उसके बाद 1अप्रैल को बिरला अस्पताल ले जाया गया।
- वंदना तिवारी को ब्रेन हेमरेज हुआ था।
- जिसके लिए उनका ऑपरेशन भी किया गया लेकिन उसके बाद वो कोमा में चली गईं।
- इसके चलते 7 अप्रैल को उनकी मौत हो गई थी।
गलत दावे के साथ किया जा रहा है वायरल
आगे इस मामले को ट्विटर पर सर्च किया वहां पर एक यूजर के वीडियो ट्वीट पर 9 अप्रैल 2020 को यूपी पुलिस ने रिप्लाई किया और इस दावे को खारिज किया।
अमर उजाला को उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑफिशियल फैक्ट चेक हैंडल पर भी एक ट्वीट मिला जिसमें उन्होंने साफ तौर से कहा है कि वंदना तिवारी की मौत का उत्तर प्रदेश से कोई संबंध नहीं है। ट्वीट करते हुए यूपी पुलिस ने वंदना तिवारी की मौत की घटना का सच बताया कि उनकी मौत उत्तर प्रदेश में नहीं बल्कि मध्य प्रदेश में हुई थी।
उन्होंने अपने ट्वीट में ‘भोपाल समाचार’ की रिपोर्ट का भी हवाला दिया था।
- ट्विटर पर एक ट्वीट भी मिला जो कि जानकार थे ( ट्वीट के अनुसार)
- जिनका नाम सत्यभान सिंह हैं, उन्होंने ट्वीट के माध्यम से वीडियो शेयर किया और सहायता मांगी थी।
- ट्वीट में उन्होंने खुद को वंदना तिवारी के परिवार का सदस्य बताया हुआ है।
- यह जानकारी मिली कि वंदना की मौत ब्रेन हेमरेज की वजह से हुई थी।
- उनपर किसी भी तरह का कोई हमला नहीं किया था।
वायरल तस्वीर की हकीकत
मध्यप्रदेश सरकार के जनसंपर्क डिपार्टमेंट के प्रामाणिक ट्विटर हैंडल ने भी इस घटना के बारे में ट्वीट किया था, जिसमे लिखा था कि वंदना तिवारी ब्रेन हेमरेज से हुई है।
फेक न्यूज से रहे सावधान
मध्य प्रदेश में हुई फार्मासिस्ट की मौत को गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। इस घटना का मुस्लिम समुदाय से कोई ताल्लुक नहीं । यह समय सच्ची खबरों के साथ देश में सौहार्द और आपसी भाईचारे के साथ कोरोना से लड़ने का है। अमर उजाला लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भ्रामक दावों की सच्चाई और तथ्य आपके सामने रख रहा है, ताकि आप भी रहे जागरूक।
कोरोना वायरस से जुड़ी हर फेक न्यूज और भ्रामक जानकारियों से लड़ना है। खबरों को भी झूठे तथ्यों के संक्रमण से बचाना है। अफवाहों से सावधान रहें और कुछ भी शेयर करते समय जांच पड़ताल कर लें।
कोरोना वायरस और फेक न्यूज से सावधानी ही बचाव है।
*Fact Check By Google Certified Fact Checker.
Apply Tools-
-Google Reverse Image Search
Bibliograpy and Reference-
Official UP Police Twitter Handle
MP Information Dept. Tweets
Medical Letter
-कोरोना फाइटर वंदना तिवारी की दर्दनाक मौत, DM से लेकर CM तक किसी ने मदद नहीं की | MP NEWS
https://www.bhopalsamachar.com/2020/04/dm-cm-mp-news.html
-3 साल के बच्चे को छोड़ कोरोना मरीज़ों के इलाज कर रही डॉक्टर वंदना तिवारी की मौत
https://www.pradeshtoday.com/news/death-of-doctor-vandana-tiwari-treating-3-year-old-child-corona-patients-228487/