फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   fact check: reality behind the death of Vandana Tiwari in MP know how falsely communalised

मध्यप्रदेश की फार्मासिस्ट वंदना तिवारी की मौत को झूठा सांप्रदायिक रंग देकर किया जा रहा है वायरल

Sat, 11 Apr 2020 08:15 PM IST
Rama Solanki रमा सोलंकी
Updated Sat, 11 Apr 2020 08:15 PM IST
विज्ञापन
सार
जानिए फार्मासिस्ट वंदना तिवारी की मौत का सच
वायरल तस्वीर की हकीकत
फेक न्यूज से रहें सावधान
loader
fact check: reality behind the death of Vandana Tiwari in MP know how falsely communalised
वायरल तस्वीर की हकीकत - फोटो : Amar ujala

विस्तार

कोरोना संक्रमण के समय पूरी दुनिया में तमाम वीडियो और तस्वीरें गलत दावों के साथ खूब वायरल हो रही हैं। ऐसे में सच और झूठ की सावधानी रखना बेहद जरूरी है। इन दिनों एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें एक घायल महिला की तस्वीर सोशल मीडिया पर देखी जा रही है। जिसमें दावा किया जा रहा है कि वो उत्तर-प्रदेश में कोरोना के मरीजों का इलाज करने के लिए गई थी जहां पर कथित इस्लामिक जिहादियों ने उनपर हमला कर दिया। जिससे उन्हें गंभीर चोट आई और उनकी मौत हो गई है। अमर उजाला ने इसकी पड़ताल की और पाया ये दावा फर्जी है।



दावाकर्ता- सोशल मीडिया यूजर्स
दावे का आधार- एक वायरल तस्वीर और उसपर लिखा डिस्क्रिप्शन।
क्या किया जा रहा है दावा- वायरल वीडियो को इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि वो उत्तर-प्रदेश में कोरोना के मरीजों का इलाज करने के लिए गई थी जहां पर कथित इस्लामिक जिहादियों ने उनपर हमला कर दिया। जिससे उन्हें गंभीर चोट आई और उनकी मौत हो गई है।  

वंदना तिवारी को ब्रेन हेमरेज हुआ था

वायरल तस्वीर की हकीकत
वायरल तस्वीर की हकीकत - फोटो : Amar Ujala
पड़ताल के चरण
सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर यह तस्वीर अलग अलग माध्यमों से शेयर की जा रही है।
पड़ताल की शुरुआत करते हुए सबसे पहले ध्यानपूर्वक तस्वीर को देखा

तस्वीर में क्या दिख रहा है-
  • तस्वीर में देखा जा सकता है महिला के सिर पर बहुत गंभीर चोट दिख रही है।
  • महिला अस्पताल के बिस्तर पर है।
  •  उनके शरीर में कई सारी ट्यूब्स लगीं हैं ।
  • सिर के ऊपर पट्टी बंधी हुई है।
  • वायरल संदेश में बताया गया है कि ये महिला मध्य-प्रदेश की डॉक्टर वंदना तिवारी हैं।

इस वायरल पोस्ट के साथ एक कैप्शन भी जिसके अनुसार,'मित्रों दुखद खबर डॉक्टर वंदना तिवारी जी की मृत्यु हो गई | वह पिछले हफ्ते ही यूपी के एक गांव में कोरोना टेस्ट के लिए गई थी? लेकिन जिहादियों ने उन पर हमला करके गंभीर रूप से घायल कर दिया था ! लोगों के जीवन बचाने में जुटी एक योद्धा पिछले सात दिन से अपना जीवन बचाने के लिए मौत से लड़ रही थी पर वो हार गई!! भावपूर्ण श्रद्धाजंली'
 
  • इस तस्वीर को रिवर्स इमेज सर्च किया और हमें  7 अप्रैल 2020 की एक रिपोर्ट मिली, यह रिपोर्ट  ‘भोपाल समाचार’ की थी।
  • रिपोर्ट के मुताबिक- शिवपुरी मेडिकल कॉलेज की मेडिकल वर्कर वंदना तिवारी कोरोना संक्रमण के खिलाफ काम करने वाली टीम में कार्यरत थीं।
  • 31 मार्च के दिन अचानक से ऑन ड्यूटी उनकी तबीयत खराब हुई और उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया जहां पर उनको भर्ती किया गया।
  • उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई, उसके बाद 1अप्रैल को बिरला अस्पताल ले जाया गया।
  • वंदना तिवारी को ब्रेन हेमरेज हुआ था।
  • जिसके लिए उनका ऑपरेशन भी किया गया लेकिन उसके बाद वो कोमा में चली गईं।
  • इसके चलते 7 अप्रैल को उनकी मौत हो गई थी।

गलत दावे के साथ किया जा रहा है वायरल

वायरल तस्वीर की हकीकत
वायरल तस्वीर की हकीकत - फोटो : Amar Ujala

आगे इस मामले को ट्विटर पर सर्च किया वहां पर एक यूजर के वीडियो ट्वीट पर 9 अप्रैल 2020 को यूपी पुलिस ने रिप्लाई किया और इस दावे को खारिज किया।
अमर उजाला को उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑफिशियल फैक्ट चेक हैंडल पर भी एक ट्वीट मिला जिसमें उन्होंने साफ तौर से कहा है कि वंदना तिवारी की मौत का उत्तर प्रदेश से कोई संबंध नहीं है। ट्वीट करते हुए यूपी पुलिस ने वंदना तिवारी की मौत की घटना का सच बताया कि उनकी मौत उत्तर प्रदेश में नहीं बल्कि मध्य प्रदेश में हुई थी।
उन्होंने अपने ट्वीट में ‘भोपाल समाचार’ की रिपोर्ट का भी हवाला दिया था।

 
  • ट्विटर पर एक ट्वीट भी मिला जो कि जानकार थे ( ट्वीट के अनुसार)
  • जिनका नाम सत्यभान सिंह हैं, उन्होंने ट्वीट के माध्यम से वीडियो शेयर किया और सहायता मांगी थी।
  • ट्वीट में उन्होंने खुद को वंदना तिवारी के परिवार का सदस्य बताया हुआ है।
  • यह जानकारी मिली कि वंदना की मौत ब्रेन हेमरेज की वजह से हुई थी।
  • उनपर किसी भी तरह का कोई हमला नहीं किया था।

वायरल तस्वीर की हकीकत

वायरल तस्वीर की हकीकत
वायरल तस्वीर की हकीकत - फोटो : Amar Ujala

मध्यप्रदेश सरकार के जनसंपर्क डिपार्टमेंट के प्रामाणिक ट्विटर हैंडल ने भी इस घटना के बारे में ट्वीट किया था, जिसमे लिखा था कि वंदना तिवारी ब्रेन हेमरेज से हुई है।

फेक न्यूज से रहे सावधान

वायरल तस्वीर की हकीकत
वायरल तस्वीर की हकीकत - फोटो : Amar Ujala
पड़ताल के परिणाम-

मध्य प्रदेश में हुई फार्मासिस्ट की मौत को गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। इस घटना का मुस्लिम समुदाय से कोई ताल्लुक नहीं । यह समय सच्ची खबरों के साथ देश में सौहार्द और आपसी भाईचारे के साथ कोरोना से लड़ने का है। अमर उजाला लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भ्रामक दावों की सच्चाई और तथ्य आपके सामने रख रहा है, ताकि आप भी रहे जागरूक।

कोरोना वायरस से  जुड़ी हर फेक न्यूज और भ्रामक जानकारियों से लड़ना है। खबरों को भी झूठे तथ्यों के संक्रमण से बचाना है। अफवाहों से सावधान रहें और कुछ भी शेयर करते समय जांच पड़ताल कर लें।

कोरोना वायरस और फेक न्यूज से सावधानी ही बचाव है।

*Fact Check By Google Certified Fact Checker.
Apply Tools-
-Google Reverse Image Search

Bibliograpy and Reference-
Official UP Police Twitter Handle
MP Information Dept. Tweets
Medical Letter

-कोरोना फाइटर वंदना तिवारी की दर्दनाक मौत, DM से लेकर CM तक किसी ने मदद नहीं की | MP NEWS

https://www.bhopalsamachar.com/2020/04/dm-cm-mp-news.html

-3 साल के बच्चे को छोड़ कोरोना मरीज़ों के इलाज कर रही डॉक्टर वंदना तिवारी की मौत

https://www.pradeshtoday.com/news/death-of-doctor-vandana-tiwari-treating-3-year-old-child-corona-patients-228487/
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed