कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया और मैसेजिंग एप पर कई तरह फेक या गलत खबरें चल रही हैं। ऐसा ही एक दावा है कि 10 सेकंड सांस रोक लिया तो आप संक्रमित नहीं है, जो गलत है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ऐसी ही अफवाहों और मन में उठने वाले सवालों के जवाब जारी किए हैं जिनका वायरस से कोई संबंध नहीं है। आगे पढ़ें सवाल और उनके जवाब...
सोशल मीडिया की खबरों पर न करें विश्वास, भ्रम है.. 10 सेकंड सांस रोक ली तो संक्रमण नहीं
1. सूरज की रोशनी में बैठने से कोरोना नहीं होगा?
सच : सूरज की गर्मी या धूप में बैठने से कोरोना नहीं होगा ये पूरी तरह गलत है। जिन देशों में तापमान अधिक था वहां भी कोरोना के मामले सामने आए। हाथों को नियमित धोते रहें और चेहरा न छुएं। यही कोरोना से बचाव है।
2. कोरोना के वायरस आपके साथ जिंदगी भर रहते हैं?
सच : कोरोना से पीड़ित अधिकतर लोगों के शरीर से वायरस खत्म हुआ है। अगर आपको तकलीफ होती है तो लक्षणों का ध्यान रखें। बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ है तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। बहुत से लोग घर में रहकर पूरी तरह ठीक हुए हैं।
सच : कोरोना की पुष्टि इस तरह से संभव नहीं है। सांस लेने के तौर तरीकों से शरीर में वायरस की मौजूदगी का पता नहीं लगा सकते हैं। जांच कराएं और डॉक्टर की बात मानें। खुद से इलाज करने की कोशिश घातक हो सकती है।
4. लहसुन खाने से वायरस की चपेट में नहीं आएंगे?
सच : लहसुन स्वास्थ्य के लिए अच्छा है क्योंकि इसमें एंटी माइक्रोबियल तत्व हैं। इसको खाने से कोरोना नहीं होगा, इसका कोई साक्ष्य नहीं है।