असम के बोडोलैंड में कोकराझार जिला, जहाँ लंबे समय तक सशस्त्र विद्रोहियों द्वारा रक्तपात किए जाने की खबरें सुनाई पड़ती थी, अब वहाँ शांति और विकास ने रफ़्तार पकड़ ली है। देश दुनिया, बोडोलैंड के कोकराझार को जानें, उसे देखे, इसके लिए कई सारी योजनाएं शुरू की गई हैं। जंगल सफारी, पर्यटन, खेल कूद, रीवर राफ्टिंग व पैरा ग्लाइडिंग, इनके लिए लोग यहां पर आएं, इस मकसद को ध्यान में रखकर परबतझोरा में रूपसी हवाई अड्डा तैयार किया गया था। एक साल बाद यहाँ हवाई सेवा प्रारंभ करने की बात कही गई। साठ दिन में ही तीस फ्लाइट रद्द कर दी गई। कारण बताया गया कि कोकराझार हवाई अड्डे पर लाइट पर्याप्त नहीं है। कभी कहा गया कि इंजीनियरिंग फाल्ट के चलते उड़ान नहीं भरी जा सकती। कभी मौसम ठीक नहीं होने की बात कही गई।
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लोकसभा सांसद जोयंता बसुमतारी
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कोकराझार के लोकसभा सांसद जोयंता बसुमतारी (यूपीपीएल) ने केंद्र सरकार के समक्ष इस हवाई अड्डे पर उड़ानों का संचालन प्रारंभ करने का मामला उठाया था। इसके बाद कहा गया कि अक्टूबर 2024 से यहाँ पर हवाई सेवा शुरू हो जाएगी। सांसद जोयंता बसुमतारी ने बताया, लिहाजा ये एयरपोर्ट लगभग एक साल से बंद पड़ा था तो अब इसके संचालन को लेकर बोडोलैंड के लोगों में यह उम्मीद जगी थी कि अब यहाँ विकास के नए अवसर पैदा होंगे। अगर नियमित तौर पर उड़ानों का संचालन होता है तो बोडोलैंड में निवेश की संभावना बढ़ जाएंगी। प्रारंभ में रूपसी से गुवाहाटी और कोलकाता के लिए एलायंस एयर नामक विमान द्वारा अपनी सेवाएं शुरू करने की बात कही गई थी।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : Adobe Stock
कोकराझार के सांसद जयंत बसुमतारी ने सभी तैयारियों का जायजा लेने के लिए रूपसी हवाई अड्डे का दौरा किया था। उन्होंने हवाई अड्डा के कर्मचारियों के साथ बातचीत की। सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गईं थीं। 19 अक्टूबर 2024 को रूपसी हवाई अड्डे से गोवाहाटी के लिए उड़ान भरी जानी थी। संबंधित एयरलाइन कंपनी द्वारा कहा गया कि रूपसी में सनसेट यानी सूरज डूबने का वक्त ठीक नहीं है। इसके चलते उड़ान नहीं भरी जा सकती। इसके बाद 22 अक्टूबर तक वही सिलसिला चलता रहा। 19 अक्टूबर की दूसरी फ्लाइट भी रद्द कर दी गई। सूरज डूबने का वक्त, सीमा के मुताबिक नहीं है, इसके चलते 22 अक्टूबर की दोनों फ्लाइट रद्द हो गई।
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Assam
- फोटो : Amar Ujala
26 अक्तूबर को रूपसी, गोवाहाटी और कोलकाता के बीच चार उड़ानें थीं। ये चारों उड़ानें भी रद्द कर दी गईं। इनके पीछे कारण बताया गया कि वीटी आरकेएच इंजीनियरिंग बाधा आ गई है। इसके साथ ही सनसेट की सीमा, यह एक वजह बताई गई। 21 नवंबर को चार फ्लाइट थी, सभी फ्लाइट ऑपरेशनल कारण बताकर रद्द कर दी गई। इससे पहले 12 नवंबर को भी दो फ्लाइट रद्द की गई थीं। ऑपरेशनल कारण बताकर 14 दिसंबर को चार फ्लाइट रद्द कर दी गई। 17 दिसंबर को भी ऑपरेशनल कारण बता कर दो फ्लाइट रद्द कर दी गई।
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बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद के चीफ प्रमोद बोरो
- फोटो : Amar Ujala
31 दिसंबर को मौसम खराब होने की बात कही गई। नतीजा, दो फ्लाइट रद्द हो गईं। पहली जनवरी 2025 से अब तक आठ फ्लाइट रद्द की गई हैं। इसके पीछे कभी तो ऑपरेशनल कारण तो कभी खराब मौसम का हवाला दिया गया। बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद के चीफ प्रमोद बोरो कहते हैं, हवाई क्षेत्र की कंपनियों को लगता है कि यहाँ पर कमाई उतनी नहीं होगी। इन कंपनियों को सहयोग करना चाहिए। बोडोलैंड में लंबे संघर्ष के बाद शांति बहाल हुई है। इस क्षेत्र के विकास के लिए निजी कंपनियों को हाथ पीछे नहीं खींचना चाहिए। आदिवासी लोगों को आगे बढ़ाने में निजी कंपनियाँ अपना योगदान दें। अगर रूपसी हवाई अड्डे पर रात के समय हवाई जहाज के उतरने के लिए लाइट की व्यवस्था नहीं है तो दिन में उड़ानों का संचालन हो सकता है।