बरसते मेघ, गूंजते मां भारती के जयकारे। हाथों में तिरंगा, धधकती उम्मीदों की मशाल। गरजते और बरसते बादलों के आगे न बच्चों के कदम रुके न बुजुर्गों के। कुछ ऐसे ही जज्बे से लबरेज था छठवें साल में कदम रख रहे अमर उजाला के अभिनव अभियान मां तुझे प्रणाम के आगाज। मानो शहर मौसम से बेपरवाह राष्ट्रगान और आजादी दिलाने वाले शहीदों के सम्मान की अलख जगाने निकल पड़ा हो।
‘अलख आजादी की’ के साथ मां तुझे प्रणाम का आगाज
ब्यूरो/ अमर उजाला, आगरा
Updated Fri, 15 Jul 2016 11:07 PM IST
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