गुजरात के अहमदबाद हादसे में बगैर कुछ कहे दुनिया को अचानक अलविदा कह गए लोगों के परिजनों के दिलों की कसक और टीस उन्हें सुकून नहीं लेने दे रही। अब उन्हें बस दर्द से पगे परिजनों को बेवक्त साथ छोड़ गए अपनों के डीएनए मेल होने की उम्मीद और पार्थिव शरीर पा लेने भर की आस है। प्रियजनों के अवशेषों को पाने के बेसब्री भरे इंतजार का एक-एक पल उन पर भारी पड़ रहा है। कई लोग अस्पताल के बाहर चार दिनों से डेरा डाले हुए हैं।
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अहमदाबाद विमान हादसा। (फाइल)
- फोटो : ANI
डीएनए परीक्षण के 72 घंटे की समय सीमा रविवार को पूरी हो गई और सोमवार को भी कोई जवाब न मिलने पर कई परिजन हैरान -परेशान नजर आए। कई लोग इनमें ऐसे हैं जिन्होंने हादसे के दिन ही 12 जून को डीएनए परीक्षण के लिए नमूने जमा किए थे, उन्हें 72 घंटे तक इंतजार करने के लिए कहा गया था, लेकिन पार्थिव शरीर अभी तक नहीं मिल पाए। इनके लिए ये इंतजार अतंहीन हो चला है। स्वास्थ्य अधिकारी परेशान परिवार के सदस्यों को लाख दिलासा दे रहे हैं। उन्हें न घबराने को कह रहे हैं, लेकिन उनके दिल के दर्द की थाह नहीं ले पा रहे हैं। अब जब विशेषज्ञ कह रहे हैं कि हादसे में बड़ी संख्या में लोगों की मौत को देखते हुए डीएनए नमूनों के मिलान में समय लग सकता है तो ऐसे में इन लोगों का सब्र जवाब देने को तैयार है।
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अहमदाबाद विमान हादसा (फाइल)
- फोटो : ANI
एम्बुलेंस भी आ गई शव नहीं मिला
हादसे का शिकार क्रू सदस्य रोशनी सोंघरे की रिश्तेदार पूजा सुखदरे की आवाज में थकावट और बैचेनी साफ झलकती है। वह कहती हैं, हम कल डीएनए संग्रह केंद्र गए थे, लेकिन हमें बताया गया कि हमारे नमूनों का मिलान होना बाकी है, क्योंकि निकाले गए 30 नमूनों में से आठ एक ही व्यक्ति के थे। सुखदरे, सोंघरे के पिता और भाई के साथ त्रासदी के बाद से ही यहां हैं। उनका परिवार महाराष्ट्र के ठाणे जिले के डोंबिवली में रहता है।
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अहमदाबाद विमान हादसा। (फाइल)
- फोटो : पीटीआई
चालक दल की सदस्य मैथिली पाटिल के रिश्तेदारों का भी हाल
चालक दल की सदस्य मैथिली पाटिल के रिश्तेदारों का भी हाल है। नवी मुंबई के न्हावा से वे 12 जून को यहां पहुंचे थे। गुजरात के कच्छ में चिनाई और बढ़ईगीरी का काम करने वाले 32 साल के अनिल खिमानी के रिश्तेदार भी हादसे के बाद से अहमदाबाद में डेरा डाले हुए हैं। खिमानी के रिश्तेदार मनसुख बताते हैं कि उनके पिता यहीं हैं। मनसुख ने कहा, शव को वापस ले जाने के लिए सरकार की नियुक्त एक एम्बुलेंस भी कच्छ से आ गई है, लेकिन हमें अभी तक अनिल का पार्थिव शरीर नहीं मिला है।
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अहमदाबाद में विमान हादसा। (फाइल)
- फोटो : पीटीआई
डीएनए नमूना मिलान, शरीर मिलने का इंतजार
आकाश पाटनी (15) का परिवार भी उसके शव का इंतजार कर रहा है। हादसे के दिन वह बीजे मेडिकल कॉलेज के आवासीय परिसर में अपनी मां की चाय की दुकान के बगल में एक चारपाई पर आराम कर रहा था। विमान हादसे के बाद लगी आग इतनी थी कि पाटनी को भागने का वक्त ही नहीं मिला और वह जल गया। आकाश की मौसी मधुबेन पाटनी ने कहा, हमें कल अस्पताल से फोन आया कि डीएनए के नमूने मेल खा गए हैं, लेकिन हमें अभी तक शव नहीं मिला है।