34 साल की पाकिस्तानी मूल की एक ब्रिटिश महिला को हिंदुस्तानी युवक ने अपने प्रेमजाल में फंसाकर उससे निकाह किया और फिर छोड़कर वापस आया। महिला पति के पीछे पीछे उसके घर केरल पहुंच गई और उससे वापस चलने की गुहार लगाई। लेकिन पति और उसके घरवालों पर उसकी मनुहार का कोई असर नहीं हुआ नतीजतन बेबस पत्नी को पति को तलाक देकर वापस घर लौटना पड़ा।
इश्क और फरेब की यह कहानी शुरू हुई थी साल 2011 में सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक से। 34 साल की पाकिस्तानी मूल की मरियम खालिक की भारतीय मूल के कुन्नूमबंथ नौशाद हुसैन से पहली बातचीत फेसबुक के जरिए हुई थी। उस समय खालिक स्कॉटलैंड में पढ़ाई कर रही थी।
फेसबुक पर डेढ़ साल तक चलली बातचीत का यह सिलसिला जल्द ही नजदीकियों में बदल गया और अप्रैल 2013 दोनों ने निकाह करने का फैसला कर लिया। इसके बाद दोनों सालभर तक एकसाथ रहे, इसी बीच हुसैन ने उससे अपने घर जाने की बात कही। उसका कहना था कि वह घर जाकर अपने परिजनों को इस शादी के लिए मना लेगा। खालिक बताती हैं कि मुझे नहीं पता था कि उसके दिमाग में क्या चल रहा है। उसने मुझसे वादा किया था कि मुझे केरल ले जाकर दोबारा परंपरागत रूप से मुझसे शादी करेगा।
लेकिन कुछ समय बाद ही उसने मेरे फोन कॉल और मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया। इसके बाद उसने सोशल साइट्स पर भी मुझे ब्लॉक कर दिया। मेरा प्यार सच्चा था इसलिए इस सबसे मैं अवाक रह गई। इसके बाद खालिक ने भारत आने का फैसला किया, वह केरला पहुंची और वहां स्नेहिता नाम की हेल्पलाइन से मदद ली। खालिक बताती हैं कि मेरे पास हुसैन की थोड़ी सी यही जानकारी थी कि वह चवक्कड़ के निकट अकलाड़ का रहने वाला था। मेरे पास उसके घर का एक पुराना फोटो भी था।
स्नेहिता से जुड़ी वकली सुधा हरिदास और मोहम्मद इस्माइल ने इसमें उसकी मदद की। वो बताते हैं कि हम चवक्कड़ में हुसैन के घर पहुंचे लेकिन उसने खालिक से कोई संबंध होने से इंकार कर दिया। इसके बाद खालिक ने हुसैन के खिलाफ पुलिस में शिकायत की। वहीं खालिक ने आरोप लगाया कि हुसैन और उसके परिवार ने उससे गाली गलौज करते हुए उसे वापस जाने की धमकी दी। उन्होंने मेरे पाकिस्तानी मूल को निशाना बनाते हुए मुझ पर आतंकवादी होने की तोहमत तक लगाई।