{"_id":"5cc2b9aabdec225f595b6a66","slug":"73-thousand-transgenders-arrested-for-forced-recovery-from-indian-railways-passengers","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"रेल यात्रियों से जबरन वसूली को लेकर 73 हजार से अधिक किन्नर गिरफ्तार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
रेल यात्रियों से जबरन वसूली को लेकर 73 हजार से अधिक किन्नर गिरफ्तार
Fri, 26 Apr 2019 01:26 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Fri, 26 Apr 2019 01:26 PM IST
विज्ञापन
ट्रेनों में अवैध वसूली
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आरटीआई के तहत पूछे गये एक सवाल के जबाव में रेल मंत्रालय ने कहा है कि पिछले चार वर्षों में रेल यात्रियों से जबरन पैसे वसूली को लेकर 73,000 से अधिक, यानि हर दिन औसतन 50 किन्नरों को गिरफ्तार किया गया है।
ट्रेनों में अवैध वसूली
- फोटो : सोशल मीडिया
अधिकारियों ने बताया कि यात्री अक्सर चलती रेलगाड़ियों में किन्नरों द्वारा परेशान किए जाने और जबरन पैसे वसूली करने को लेकर शिकायत करते हैं। किन्नरों को पैसे देने से मना करने पर कुछ यात्रियों का शारीरिक उत्पीड़न करने का भी मामला सामने आया है। उन्होंने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) इस तरह के मामलों की जांच के लिए नियमित रूप से विशेष अभियान चला रहा है।
ट्रेनों में अवैध वसूली
- फोटो : सोशल मीडिया
आरटीआई के तहत पूछे गये सवाल के जवाब में, रेल मंत्रालय ने कहा कि वर्ष 2015 से इस साल जनवरी तक यात्रियों से पैसे की वसूली करने के आरोप में कुल 73,837 किन्नर गिरफ्तार किए गए।
इस सवाल के जवाब में कहा गया कि वर्ष 2015 में कुल 13,546, वर्ष 2016 में 19,800, वर्ष 2017 में 18,526 और वर्ष 2018 में 20,566 किन्नरों को गिरफ्तार किया गया।
इस सवाल के जवाब में कहा गया कि वर्ष 2015 में कुल 13,546, वर्ष 2016 में 19,800, वर्ष 2017 में 18,526 और वर्ष 2018 में 20,566 किन्नरों को गिरफ्तार किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
ट्रेनों में अवैध वसूली
- फोटो : सोशल मीडिया
रेल मंत्रालय ने कहा कि इस वर्ष जनवरी में 1,399 किन्नरों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था का मामला राज्य के अंतर्गत आने के नाते, चलती रेलगाड़ियों के साथ-साथ रेलवे परिसर में अपराध की रोकथाम, मामलों का पंजीकरण, उनकी जांच और कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकारों की संवैधानिक जिम्मेदारी हैं, जिनका वे राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) के माध्यम से पूरा करते हैं।
विज्ञापन
ट्रेनों में अवैध वसूली
- फोटो : सोशल मीडिया
अधिकारियों ने कहा कि भारतीय रेलवे दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी रेलवे प्रणाली है, जो लगभग 65,000 किलोमीटर को कवर करती है, जिसके अंतर्गत 8,000 से अधिक स्टेशन आते हैं और प्रतिदिन करीब 19,000 रेलगाड़ियां चलती हैं।