दमदार सामग्री के मामले में ओटीटी पर एकाएक तेज हुए कंपटीशन में पिछड़ते जा रहे एमएक्सप्लेयर ने अब अपने यूजर्स रोकने के लिए सेमी पोर्न कंटेंट का सहारा लेना शुरू कर दिया है। यही नहीं ये ओटीटी अब दो कदम आगे जाकर उल्लू ऐप के सहारे अपने प्लेटफॉर्म पर अश्लील कहानियां लिखने वाले काल्पनिक लेखक मस्तराम की कहानियां भी दिखाने जा रहा है।
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Netflix
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डिजिटल वीडियो स्ट्रीमिंग में नेटफ्लिक्स, प्राइम वीडियो या फिर हॉटस्टार को सबसे ज्यादा टक्कर पोर्न वेबसाइट्स से मिलती रही है। भारत में सरकार के निर्देशों के चलते पोर्न साइट्स भले ब्लॉक हो चुकी हैं लेकिन जी5 और एमएक्स प्लेयर पर मौजूद कंटेंट, देश में सेमी पोर्न के बढ़ते कारोबार की तरफ इशारा करता है। जी5 ने एकता कपूर के एडल्ट ऐप आल्टबालाजी से हाथ मिलाया है तो एमएक्स प्लेयर ने इस तरह के कंटेंट के लिए उल्लू ऐप को साथ लिया है।
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भारत में गांव-देहात के परिवेश में यह काल्पनिक नाम 'मस्तराम' काफी लोकप्रिय रहा है। बहुत से नौजवान छिप-छिपकर मस्तराम की मनोहर कहानियां पढ़कर बड़े हुए हैं। वे इन कहानियों को पढ़ने में इतने मशगूल होते थे, कि उन्होंने कभी यह जानने की कोशिश भी नहीं की कि आखिर यह मस्तराम है कौन? कहां रहता है?
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Gangs of Wasseypur
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मस्तराम की कहानी राष्ट्रीय स्तर पर तब अस्तित्व में आई जब 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' जैसी कुछ फिल्मों के संवाद लिख चुके लेखक अखिलेश जायसवाल ने इस नाम को लेकर काल्पनिक फिल्म की रचना की। इस फिल्म में तारा अलीशा बेरी और राहुल बग्गा ने मुख्य किरदार निभाए हैं। यह फिल्म सिनेमाघरों में 2013 में रिलीज हुई। इस को ना तो दर्शकों का प्यार मिला और ना ही समीक्षकों को पसंद आई।
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Gangs of wasseypur
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हाल ही में रिलीज फिल्म दूरदर्शन में भी मस्तराम की कहानियों की जिक्र बार बार आता है। फिल्म में दिखाया गया कि घर की सबसे बुजर्ग महिला मस्तराम की कहानियां सुनकर कोमा से बाहर आ जाती है। अब उल्लू ऐप के कर्ताधर्ता इन कहानियों को मोबाइल पर लाने की तैयारी में हैं। डिजिटल मिलाकर दुनिया में पोर्न वीडियोज करीब 100 अरब डॉलर का सालाना धंधा करते हैं। भारत में पोर्न साइट्स पर प्रतिबंध है तो तमाम निर्माता अब ओटीटी ऐप के जरिए ये कंटेंट दर्शकों को परोसने में लगे हुए हैं।