डायरेक्टर ओनिर की पहचान बॉलीवुड में समलैंगिक विषयों पर फिल्म बनाने के लिए है। उन्होंने अधिकतर इसी सब्जेक्ट पर फिल्म बनाई है। इसी कड़ी में उनके निर्देशन में बनी एक और ऐसी फिल्म है, जिसका नाम 'पाइन कोन' है। ओनिर की 'पाइन कोन' को 38वें ब्रिटिश फिल्म इंस्टीट्यूट फ्लेयर: लंदन LGBTQ फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित किया जाएगा।
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पाइन कोन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
ओनिर की 'पाइन कोन' बीएफआई फ्लेयर: लंदन LGBTQ फिल्म फेस्टिवल के 38वें संस्करण में आधिकारिक चयन के रूप में प्रदर्शित होने के लिए तैयार है। ओनिर ने खबर के बाद अपना उत्साह व्यक्त किया है। इस महोत्सव ने हाल ही में, अपने कार्यक्रम का अनावरण किया है, जिसमें अन्य कई फिल्मों के साथ ओनिर की फिल्म 'पाइन कोन' भी शामिल है।
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ओनिर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
'पाइन कोन' भारत के लिए एक ऐतिहासिक फिल्म है, जो यह बताती है कि देश के समलैंगिक लोगों में प्यार की खोज कैसे होती है। यह फिल्म पहले ही मेलबर्न के इंडियन फिल्म फेस्टिवल में रेनबो स्टोरीज पुरस्कार और इंटरनेशनल साउथ एशियन फिल्म फेस्टिवल कनाडा में ऑनरेबल मेंशन - बेस्ट फीचर का पुरस्कार जीत चुकी है।
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ओनिर, पाइन कोन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
निर्देशक ओनिर ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, "मैं पाइन कोन को 38वें बीएफआई फ्लेयर: लंदन LGBTQ फिल्म फेस्टिवल के लिए चुने जाने से बेहद सम्मानित महसूस कर रहा हूं। यह फिल्म प्यार का के लिए जाना जाता है और मुझे इसकी यात्रा पर बेहद गर्व है। मुझे उम्मीद है कि यह फिल्म निर्माताओं के लिए एक प्रेरणा के रूप में काम करेगा। "
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पाइन कोन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
एक समलैंगिक व्यक्ति के रूप में ओनिर ने अपने करियर को उन कथाओं को तैयार करने के लिए समर्पित किया है जो LGBTQ समुदाय और प्रेम, समानता और स्वीकृति की दिशा में उनकी यात्रा का जश्न मनाती हैं। 'पाइन कोन' उनकी इस फिल्म यात्रा का नया मोड़ है, जो रूढ़िवादिता को चुनौती देते हुए LGBTQ समुदाय की इच्छाओं का बिना कोई नजरिया बनाए खोज करती है।
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