फिल्म रिव्यू- हिचकी
रेटिंग- ढाई स्टार
निर्देशकः सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा
सितारेः रानी मुखर्जी, हर्ष मयर, नीरज काबी, कुणाल शिंदे।
लीक से हटकर फिल्मों की कड़ी में 'हिचकी' अपनी कहानी से आकर्षित करती है। निर्देशक ने कहानी को सही तरह से पर्दे पर उतारा है। फिल्म के किरदार दर्शकों को बांधे रखते हैं।
फिल्म 'हिचकी' का रानी मुखर्जी के फैन्स बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। उनका ये इंतजार कल खत्म हो गया। करीब चार वर्ष के ब्रेक के बाद रानी ने 'हिचकी' से अपना शानदार कमबैक किया है। 'हिचकी' हॉलीवुड फिल्म 'फ्रंट ऑफ द क्लास' (2008) की कहानी से प्रेरित है। फिल्म मनोरंजन करने के साथ ही जिंदगी से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सीख भी देती है। इसमें रानी स्कूल टीचर नैना माथुर की भूमिका में नजर आएंगी।
नैना टॉरेट सिंड्रोम से पीड़ित है, जो बोलने में हकलाती है। उसे बार-बार हिचकी आती है। इस कारण शुरुआत में उसे कई स्कूल शिक्षिका की नौकरी देने से मना कर देते हैं। काफी प्रयास के बाद नैना को एक स्कूल में पढ़ाने का मौका मिलता है। वहां सभी बच्चे उसकी हिचकी का मजाक उड़ाते हैं। कैसे नैना को परेशानियों और संघर्षों का सामना करना पड़ता है, यही फिल्म की कहानी है।
अभिनय की बात करें, तो रानी की एक्टिंग आपका दिल जीत लेगी। बात करते-करते गर्दन झटकने वाले किरदार से रानी दर्शकों को बांधने में कामयाब रही हैं। उन्होंने नैना के किरदार से पूरी तरह न्याय किया है। फिल्म में बेशक कई किरदार हैं, लेकिन इसमें सबसे पावरफुल रानी ही लगती हैं। निर्देशक सिद्धार्थ मल्होत्रा ने अर्थपूर्ण एवं इमोशनल फिल्म बनाई है। इन्होंने सभी किरदारों को बखूबी पेश किया है।
फिल्म की कहानी अंत तक बांधे रखती है। हालांकि, क्लाइमेक्स थोड़ा और मजेदार हो सकता था। फिल्म में सपोर्टिंग रोल में हर्ष मयर, सचिन पिलगांवकर, सुप्रिया पिलगांवकर ने अपना काम बखूबी किया है।
क्यों देखें- यदि आप रानी के फैन हैं और लीक से हटकर कुछ देखना चाहते हैं।