दोस्ताना, मुकद्दर का सिकंदर, अग्निपथ, कुछ कुछ होता है, कभी खुशी कभी गम जैसी फिल्मों को प्रोड्यूस करने वाले निर्माता यश जौहर ने बॉलीवुड में कई बेहतरीन फिल्में दीं। करण जौहर के पिता यश जौहर की खास बात थी कि वो अपने एक्टर्स का बहुत सम्मान करते थे। एक फिल्म के दौरान उन्होंने रीमा लागू से जो वादा किया था उसे अपनी आखिरी फिल्म तक निभाया। ये वादा उन्होंने श्रीदेवी के एक जिद्द के आगे किया था।
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Sridevi
- फोटो : social media
श्रीदेवी 90 के दशक की सुपरस्टार थीं। फिल्मों में उनका कद इतना ऊंचा हो गया था कि निर्माता-निर्देशक भी बिना कोई टाल-मटोल किए उनकी बात मानते थे। कहा जाता है कि कभी-कभी वो अपने रोल के चलते दूसरे एक्टर्स का रोल कटवा देती थीं।
इस बात का शिकार रीमा लागू को होना पड़ा। एक वेबसाइट के मुताबिक, इसका खुलासा कोरियोग्राफर सरोज खान ने अपने शो 'नच ले' में किया था। श्रीदेवी और रीमा लागू महेश भट्ट की फिल्म 'गुमराह' में काम कर रहीं थीं। 1993 में आई इस फिल्म में रीमा लागू श्रीदेवी की मां के किरदार में थीं। दोनों में पांच साल का ही फर्क था लेकिन पिछली कुछ फिल्मों के चलते रीमा लागू की पहचान एक मां के किरदार में हो गई थी।
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श्रीदेवी
- फोटो : सोशल मीडिया
श्रीदेवी ने एडिट के दौरान जब फिल्म देखी तो उन्हें लगा कि रीमा लागू की परफॉर्मेंस के आगे उनका किरदार थोड़ा फीका है। इसके बाद उन्होंने फिल्म के प्रोड्यूसर यश जौहर और निर्देशक महेश भट्ट से रीमा लागू के रोल को कम करने को कहा। श्रीदेवी की इस बात को दोनों ने मान लिया और रीमा लागू के किरदार पर कैंची चल गई।
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yash johar
- फोटो : file photo
यश जौहर चाहते थे कि रीमा का किरदार न काटा जाए लेकिन उन्हें मजबूरी में ऐसा करना पड़ा। इस बात का यश जौहर को बहुत मलाल था। रीमा लागू को इस बात का हर्जाना चुकाने के लिए यश जौहर ने उनसे वादा किया। ये वादा था कि अब उनकी फिल्मों में रीमा लागू मां का किरदार निभाएंगी।