मनोरंजन जगत से जुड़े सितारों की पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ के बारे में जानने के लिए लोग काफी उत्सुक रहते हैं। लेकिन सितारों का फेमस होना उनको इस बात का जिम्मेदार नहीं बनाता कि उन्हें प्रत्येक व्यक्ति का मनोरंजन करना है। वहीं, उन्हें हर बार 'राजनीतिक रूप से सही' होने भी जरूरी नहीं है, क्योंकि यह मानवीय रूप से संभव ही नहीं है। सेलिब्रिटी को उनकी हर छोटी-बड़ी बात पर ट्रोल करना तो आम बात है, लेकिन कई बार उनके खिलाफ लोग ऐसा मामले तक दर्ज करा देते हैं, जिनका कोई मतलब ही नहीं होता। आज हम आपको सितारों पर दर्ज हुए कुछ ऐसे ही अजब-गजब मामलों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें सुन आप भी हैरान हो जाएंगे।
Weird Cases: सितारों पर दर्ज हुए अजब-गजब मामले, किसी को आंख मारना तो किसी को राष्ट्रगान में देरी करना पड़ा भारी
आमिर खान
आमिर खान अपनी 2014 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'पीके' में दिल्ली पुलिसकर्मियों का जिक्र करते हुए 'ठुल्ला' शब्द का इस्तेमाल करने के लिए कानूनी मुसीबत में पड़ गए थे। खान से पहले दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को भी इसके लिए कोर्ट ऑफ लॉ का सामना करना पड़ा था। आमिर खान के खिलाफ शिकायत दिल्ली के एक लघु फिल्म निर्माता ने की थी, जिन्होंने कहा था कि अगर दिल्ली के सीएम के खिलाफ एक ही शब्द का इस्तेमाल करने के लिए शिकायत दर्ज की जा सकती है तो आमिर के खिलाफ किसी पुलिस अधिकारी ने शिकायत क्यों नहीं की, जिनकी फिल्में को पूरी दुनिया में देखा जाता है।
प्रिया प्रकाश वारियर
2018 में वायरल हुआ 'ओरु अदार लव' फिल्म से प्रिया वारियर का मशहूर विंक सीन तो आपको याद होगा ना? इस सीन के चलते कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए मलयालम अभिनेत्री, निर्देशक और फिल्म के निर्माता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कानूनी रूप से प्राथमिकी रद्द कर दी और तेलंगाना पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा था कि आपके पास करने के लिए कोई दूसरा काम नहीं है।
ट्विंकल खन्ना
ट्विंकल खन्ना को तो एक बार गिरफ्तार तक कर लिया गया था। दरअसल, अक्षय कुमार एक बार रैंप वॉक करते हुए अपनी पत्नी ट्विंकल के पास गए और उनसे अपनी जींस का बटन खुलवा लिया था। इसे सार्वजनिक रूप से एक अश्लील कृत्य के रूप में देखा गया था और ट्विंकल को गिरफ्तार किया गया था।
सुष्मिता सेन
2007 में सुष्मिता सेन के इंटरव्यू पर बवाल मचा था। इस इंटरव्यू में उन्होंने प्री-मैरिटल सेक्स पर अपनी राय रखी थी और उनके खिलाफ एक आपराधिक शिकायत दर्ज की गई थी। बाद में मद्रास उच्च न्यायालय ने इस मामले को खारिज कर दिया था।