डायरेक्टर, राइटर, स्क्रीनराइटर, म्यूजिक कंपोजर, सिंगर और प्रोड्यूसर विशाल भारद्वाज बहुुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। उनका जन्म 4 अगस्त 1965 को उत्तर प्रदेश के बिजनौर में हुआ था। विशाल ने अपनी पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से की है। कॉलेज के एक फंक्शन के दौरान उनकी मुलाकात रेखा भारद्वाज से हुई। बाद में दोनों की दोस्ती हो गई और दोस्ती प्यार में तब्दील हो गई। साल 1991 में विशाल भारद्वाज और रेखा भारद्वाज शादी के बंधन में बंध गए।
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vishal bhardwaj
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बहुत ही कम लोगों को पता है कि विशाल भारद्वाज एक अच्छे क्रिकेटर रह चुके हैं। मेरठ में रहते हुए स्टेट लेवल पर उन्होंने अंडर-19 क्रिकेट खेली है। विशाल एक क्रिकेटर बनना चाहते थे लेकिन एक हादसे ने उनकी जिंदगी बदल दी। दरअसल, एक टूर्नामेंट से ठीक पहले प्रैक्टिस सेशन के दौरान उनका अंगूठा टूट गया। जिसकी वजह से वो आगे क्रिकेट नहीं खेल सके।
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Vishal Bhardwaj
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केवल 17 साल की उम्र में उन्होंने एक गाने का संगीत दिया। जिससे सुनने के बाद विशाल के पिता ने इस बारे में संगीतकार उषा खन्ना से बात की। उषा खन्ना ने उस संगीत को फिल्म 'यार कसम' (1985) में लिया। अपना काम खत्म करने के बाद विशाल वापस दिल्ली आ गए और ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। बता दें कि विशाल के पिता ने भी संगीत के क्षेत्र में काम किया है।
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विशाल भारद्वाज
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विशाल भारद्वाज ने सबसे पहले साल 1995 में फिल्म 'अभय' में संगीत देकर अपने फिल्मी करियर का डेब्यू किया था। उन्हें गुलजार की फिल्म 'माचिस' से पहचान मिली, जिसमें उन्होंने संगीत दिया था। बच्चों की फिल्म 'मकड़ी' से विशाल भारद्वाज ने बतौर निर्देशक डेब्यू किया, इस फिल्म का संगीत भी उन्होंने खुद दिया था।
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साल 1998 में रिलीज हुई 'सत्या' और 1999 में गुलजार की फिल्म 'हू तू तू' का संगीत भी विशाल ने दिया था। 1999 में फिल्म 'गॉडमदर' के लिए उन्हें बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर का नेशनल अवॉर्ड दिया गया। यही नहीं उन्हें फिल्म 'ओमकारा' और 'हैदर' के लिए भी नेशनल अवॉर्ड मिल चुके हैं। विशाल भारद्वाज को अब तक अलग-अलग कैटेगरी में 7 नेशनल अवॉर्ड दिए गए हैं।