अभिनेता सनी देओल आज अपना 65वां जन्मदिन मना रहे हैं। हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के बेटे, सनी ने 1982 की फिल्म बेताब से बॉलीवुड में कदम रखा था। अभिनेता ने अस्सी और नब्बे के दशक में कई सफल फिल्में दी। साल 1990 में आई घायल के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला वहीं दामिनी द लाइटनिंग (1993) भी उनके करियर की अहम फिल्म मानी जाती है। बात करें सनी के जन्मदिन की तो उनके साथ- साथ उनके फिल्मों के डायलॉग्स भी दिनों-दिन जवान होते जा रहे हैं। आज भी सिनेमा प्रेमियों के बीच अभिनेता की फिल्में व डायलॉग्स उतने ही मशहूर हैं जितना 90 के दशक में होते थे। आइए तो उनके कुछ जबरदस्त डायलॉग्स पर एक नजर डालते हैं।
Sunny Deol Birthday: तलवार से भी तेज थे सनी देओल के ये फेमस डायलॉग्स, इसे सुनकर तो पाकिस्तानी कांप जाते थे
'तारीख पे तारीख' से 'नो इफ नो बट' तक: सनी देओल के ऐसे संवाद जो हम कभी नहीं भूल सकते-
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हमारा हिंदुस्तान जिंदाबाद था, जिंदाबाद है, और जिंदाबाद रहेगा - गदर: एक प्रेम कथा
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बलि हमेशा बकरे की दी जाती है ... शेर की नहीं - सिंह साब द ग्रेट
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नो इफ....नो बट.....सिर्फ जट्ट !!! - जो बोले सो निहाल
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जब ये ढाई किलो का हाथ किसी पर पड़ता है तो आदमी उठता नहीं, उठ जाता है - दामिनी
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पिंजरे में आकर शेर भी कुत्ता बन जाता है - घातक
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जिंदगी का दूसरा नाम प्रॉब्लम है - बॉर्डर
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आज के बाद तेरी हर सांस के पीछे मैं मौत बन कर खड़ा हूं - जीत
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मैं तेरा वो हश्र करूंगा ... के तुझे अपने पैदा होने पर अफसोस होगा - घायल
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कपड़े बदलते से इंसान बदल नहीं जाता - लकीर
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तारीख पे तारीख, तारीख पे तारीख, तारीख पे तारीख मिलती गई माय लॉर्ड, पर इंसाफ नहीं मिला - दामिनी
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ये मजदूर का हाथ है, लोहा पिघलाकर उसका आकार बदल देता है - घातक
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उतार के फेंक दो ये वर्दी और पहन लो बलवंत राय के नाम का पट्टा अपने गले में… बलवंत राय के कुत्तों - घायल
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सातों को साथ मारूंगा, एक साथ मारूंगा, घर में घुस कर मारूंगा - घातक