{"_id":"5a924c2a4f1c1ba4268bc29c","slug":"sridevi-always-wanted-to-fulfill-this-desire","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"अधूरी रह गई सुपरस्टार श्रीदेवी की ये इच्छा, हमेशा चाहती थीं बेटी न दोहराए ऐसी गलती ","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
अधूरी रह गई सुपरस्टार श्रीदेवी की ये इच्छा, हमेशा चाहती थीं बेटी न दोहराए ऐसी गलती
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 25 Feb 2018 06:43 PM IST
विज्ञापन
Sridevi
बॉलीवुड की 'हवा हवाई' श्रीदेवी का 54 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट की वजह से निधन हो गया। इस खबर से बॉलीवुड और फैन्स में शोक की लहर है। वेटरन एक्ट्रेस ने बॉलीवुड में करीब 300 फिल्मों में काम किया उनकी आखिरी फिल्म 'मॉम' थी। सुपरस्टार होने के बाद भी श्रीदेवी की एक ऐसी अधूरी इच्छा थी जिसे वह हमेशा पूरी करना चाहती थीं। यहां तक कि उनकी यह इच्छा कई बार इंटरव्यू के दौरान भी बातों में नजर आईं।
Trending Videos
Sridevi
श्रीदेवी ने महज 4 साल की उम्र तमिल फिल्म से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह कई तमिल, तेलगू और मलयालम फिल्मों में नजर आईं। साल 1975 में आई 'जूली' फिल्म उनकी पहली बॉलीवुड फिल्म थी। वैसे तो श्रीदेवी की जिंदगी एक खुली किताब थी लेकिन वह ज्यादातर अपने में ही रहना पसंद करती थीं।
sridevi
श्रीदेवी हमेशा से चाहती थीं कि उनकी बेटी जाह्नवी पहले पढ़ाई पर ध्यान दें और उसके बाद फिल्मी करियर पर। ऐसा इसलिए क्योंकि वह चाहती थीं उनकी बेटी वैसा न करें जैसा उन्होंने किया था। श्रीदेवी आजतक कभी स्कूल नहीं गई और यह बात उन्हें हमेशा चुभती रहती थी। इसी वजह से उनकी बातों में हमेशा यही लगता है कि वो चाहती हैं कि उनकी बेटी पहले पढ़ाई पर ध्यान दें।
विज्ञापन
विज्ञापन
श्रीदेवी
श्रीदेवी के परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी। इसी वजह से खेलने कूदने की उम्र में माता-पिता का हाथ बटाने के लिए उन्होंने 4 साल की उम्र में ही काम करना शुरू कर दिया था। जिस वजह से वो आजतक स्कूल नहीं जा पाईं। हमेशा ही मीडिया से दूरी बनाए रखने वाली श्रीदेवी ने कई साल पहले फिल्मफेयर मैगजीन को एक इंटरव्यू दिया था। इस इंटरव्यू में उन्होंने जो कुछ भी कहा उसमें उनका दर्द साफतौर पर झलकता है।
विज्ञापन
sridevi
श्रीदेवी ने कहा था - 'मैं पढ़ाई में बहुत अच्छी थी। मेरे माता -पिता ने पढ़ाई और फिल्मों के बीच संतुलन बनाने की बहुत कोशिश की। जब भी मैं शूटिंग के लिए बाहर जाती थी मेरे साथ हमेशा एक अध्यापक रहता था। एक समय बाद ऐसा होना मुनासिब नहीं हो सका। मुझे पढा़ई और फिल्मों के बीच एक चीज को चुनना पड़ा और मैंने फिल्मों को चुना।'