आपने बेशक निशा नूर का नाम ना सुना हो लेकिन 80 के दशक में निशा साउथ फिल्म इंडस्ट्री का जाना-पहचाना चेहरा थीं। हर निर्माता-निर्देशक उनके साथ काम करना चाहता था। निशा नूर की लोकप्रियता का आलम ये था कि रजनीकांत से लेकर कमल हासन तक उनके साथ काम करने के लिए उत्साहित रहते थे। दोनों ने निशा नूर के साथ काम किया भी।
कभी थी रजनीकांत की आंखों का तारा, मरते समय थी भिखारियों सी हालत
लेकिन इतनी सफलता के बावजूद निशा नूर की जिंदगी वीरान और दर्दभरी ही रही और उसी हालत में वो दुनिया से चल बसीं। कहा जाता है कि निशा नूर की एक फिल्म के प्रोड्यूसर ने उन्हें धोखे से वेश्यावृत्ति के धंधे में धकेल दिया था, जिसके बाद सभी ने उनसे किनारा कर लिया। थक-हारकर निशा ने साउथ फिल्म इंडस्ट्री को अलविदा कह दिया।
कभी थी रजनीकांत की आंखों का तारा, मरते समय थी भिखारियों सी हालत
फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने के बाद किसी ने भी उनकी सुध नहीं ली। यहां तक कि जो निर्माता-निर्देशक और हीरो निशा नूर को फिल्म में लेने के लिए उनके दरवाजे पर खड़े रहते थे उन्होंने भी उनका साथ छोड़ दिया।
कभी थी रजनीकांत की आंखों का तारा, मरते समय थी भिखारियों सी हालत
और एक दिन मरणासन्न अवस्था में निशा नूर को सड़क पर पाया गया जिसके बाद कुछ लोगों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया। यहां लाने पर पता चला कि निशा नूर को एड्स है और इसके चलते उनकी हालत दिन-ब-दिन खराब होती चली गई। आखिरकार साल 2007 में निशा नूर इस दुनिया को भी अलविदा कह गईं।
कभी थी रजनीकांत की आंखों का तारा, मरते समय थी भिखारियों सी हालत
एक वेबसाइट के मुताबिक, निशा नूर को नागोर दरगाह के पास मरणासन्न अवस्था में पाया गया था। उस वक्त उनकी हालत ऐसी हो गई थी कि उनके शरीर पर कीड़े और चीटियां रेंग रहीं थीं और उनका ध्यान रखने के लिए कोई भी नहीं था।