हिंदी फिल्म जगत में 1989 से मौजूद फिल्म निर्माता शिव कुमार सुब्रमण्यम का देर रात निधन हो गया है। हालांकि उनकी मृत्यु का कारण तो अभी तक पता नहीं लग सका है। पत्रकार बीना सरवर और निर्देशक हंसल मेहता ने उनकी मृत्यु के बारे में ट्वीट करके जानकारी दी और प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अभिनेता और स्क्रिप्ट राइटर शिव कुमार सुब्रमण्यम जैसे प्रतिभाशाली कलाकार को आखिरी बार मीनाक्षी सुंदरेश्वर में सान्या मल्होत्रा के ऑनस्क्रीन पिता की भूमिका में देखा गया था।
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शिव कुमार सुब्रमण्यम
- फोटो : सोशल मीडिया
शिव कुमार सुब्रमण्यम का जन्म कोयंबटूर में हुआ था। उन्होंने 1989 में विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म 'परिंदा' की स्क्रिप्ट लिखने के साथ फिल्मों में अपनी यात्रा शुरू की थी। विधु विनोद चोपड़ा द्वारा निर्देशित परिंदा में जैकी श्रॉफ, अनिल कपूर, माधुरी दीक्षित, नाना पाटेकर और अनुपम खेर जैसे कलाकार हैं। उन्हें 1942: ए लव स्टोरी, इस रात की सुबह नहीं, अर्जुन पंडित, चमेली, हजारों ख्वाहिशें ऐसी और तीन पत्ती जैसी फिल्मों के लिए शानदार लेखक का भी श्रेय दिया जाता है। सुब्रमण्यम ने हजारों ख्वाहिशें ऐसी और परिंदा के लिए सर्वश्रेष्ठ कहानी और सर्वश्रेष्ठ स्क्रिप्ट के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता।
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शिव कुमार सुब्रमण्यम
- फोटो : सोशल मीडिया
सुब्रहमण्यम को 1976 और 77 में तमिल फिल्म 'अन्नाकिल्ली' और 'अट्टुकारा अलामेलु' के लिए फिल्म फेयर बेस्ट एक्टर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया। 1979 में उनको रोसाप्पो रवीक्कई कारी फिल्म के लिए बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। इसके अलावा उन्होंने वंडीचक्करम, रोसाप्पो रवीक्कई कारी के लिए भी बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड जीता। सुब्रहमण्यम ने तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार की श्रेणी में 1979 में 'अवलु अवान अवु' के लिए और 1982 में 'अग्नि साक्षी' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार जीता।
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शिव कुमार सुब्रमण्यिम
- फोटो : सोशल मीडिया
अपने शानदार करियर के दौरान उन्हें परिंदा के लिए सर्वश्रेष्ठ पटकथा के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार और हज़ारों ख्वाहिशें ऐसी के लिए सर्वश्रेष्ठ कहानी से सम्मानित किया गया। बाद में सुब्रमण्यम ने हिंदी फिल्मों में ऑनस्क्रीन भी सहायक भूमिकाएं निभाई हैं। वह 2 स्टेट्स, नेल पॉलिश, रॉकी हैंडसम, हिचकी, हैप्पी जर्नी, रिस्क, प्रहार, उंगली, बैंगिस्तान, कमीने, स्टेनली का डब्बा और बहुत कुछ जैसी फिल्मों में दिखाई दिए।