अपनी कड़क आवाज, रौबदार स्वभाव और दमदार अभिनय से लगभग चार दशकों तक फैंस के दिलों पर राज करने वाले पृथ्वीराज कपूर की आज डेथ एनिवर्सरी है। पृथ्वीराज कपूर का जन्म 3 नवंबर, 1906 को पाकिस्तान के समुंद्री में हुआ था और आज ही के दिन उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। पर्दे पर शहंशाह अकबर का किरदार निभाने वाले पृथ्वीराज कपूर ने बॉलीवुड को कई शानदार फिल्में दी हैं। कपूर खानदान से पृथ्वीराज कपूर ने ही सिनेमा में एक्टिंग की नींव डाली थी। इन्होंने हिंदी सिनेमा को पहली बोलती फिल्म दी थी।
पृथ्वीराज कपूर ने एक्टिंग की शुरुआत पेशावर के एक थिएटर ग्रुप से की थी। 1929 में पृथ्वीराज कपूर बुआ से कुछ पैसे उधार लेकर बॉम्बे आ गए थे। बॉम्बे आकर पृथ्वीराज कपूर ने एक्टिंग के लिए इम्पीरियल थिएटर ज्वाइन किया। एक्टर बनने की चाहत रखने वाले पृथ्वीराज कपूर ने 24 साल की उम्र में जवानी से बुढ़ापे तक की भूमिका निभाकर अभिनय की मिसाल पेश की।
साल 1944 में पृथ्वीराज कपूर ने 'पृथ्वी थिएटर' की नींव रखी। फिल्म इंडस्ट्री में 'पापाजी' के नाम से मशहूर पृथ्वीराज अपने थिएटर के तीन घंटे के शो के समाप्त होने के बाद गेट पर एक झोली लेकर खड़े हो जाते थे ताकि शो देखकर बाहर निकलने वाले लोग झोली में कुछ पैसे डाल सकें। इन पैसों के जरिए पृथ्वीराज कपूर ने एक वर्कर फंड बनाया था जिसके जरिए वे पृथ्वी थिएटर में काम कर रहे सहयोगियों को जरूरत के समय मदद किया करते थे।
1960 में मुगले आजम में अकबर का किरदार निभाने वाले पृथ्वीराज कपूर का इस फिल्म में जुड़ने का किस्सा बेहद दिलचस्प है। फिल्म के निर्देशक के. आसिफ ने पृथ्वीराज कपूर को फिल्म के लिए मेहनताना के तौर पर ब्लैंक चेक साइन करके दे दिया था और कहा था वो जितनी रकम चाहे लिख ले लेकिन उन्होंने चैक पर एक रुपये लिखा।
बीबीसी में छपी खबर के मुताबिक इतनी बड़ी फिल्म के लिए पृथ्वीराज कपूर ने जब 1 रुपये लिए तो के. आसिफ भावुक हो गए। इस पर पृथ्वीराज ने कहा, आसिफ, मैं आदमियों के साथ काम करता हूं, व्यापारियों या मारवाड़ियों के साथ नहीं। इस फिल्म के लिए दिलीप कुमार, मधुबाला, दुर्गा खोटे जैसे कलाकारों ने अच्छी खासी फीस ली थी और पृथ्वीराज ने महज 1 रुपये।