जया बच्चन आमतौर पर सार्वजनिक समारोहों में कम ही दिखती हैं लेकिन कहीं किसी समारोह में बोलने का मौका मिले तो वह बहुत ही साफगोई से अपनी बात कहती हैं। मुंबई में एक पुस्तक विमोचन समारोह में बच्चो की कहानियों को लेकर पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने अपनी नातिन नव्या नवेली से जुड़ा एक किस्सा सुनाया।
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jaya bachchan and sweta nanda
जया ने कहा, ‘मैं उसके लिए कई तरह की कहानियां बनाया करती थी और अक्सर जब हम बच्चों को हिंदी की कहानियां सुनाते हैं, तो वह कुछ इस तरह शुरू होती हैं। एक था राजा और एक थी रानी। हमेशा की तरह राजा और रानी जंगलों में खो जाया करते थे जिसके चलते महाराजा और महारानी परेशान हो जाया करते थे।’
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BIG B AND JAYA BACHCHAN
- फोटो : amar ujala
इसी तरह मुझे कहानी में नई-नई बातें जोड़नी पड़ती थीं। फिर मेरी बेटी को दूसरा बच्चा हुआ और अब मुझे उन दोनों को कहानी सुनानी पड़ती थी। फिर मैंने वही कहानी दोहरानी शुरू कर दी। एक रात नव्या ने कहा, ‘नानी, क्या हम आज कोई नई कहानी नहीं सुन सकते।' इस तरह जया की चीटिंग पकड़ी गई।
किताबों का जिक्र छिड़ने पर भी जया ने बिना लाग लपेट के अपनी यादें साझा कीं। उन्होंने कहा, ‘कभी-कभी मुझे जब लगता है कि जो किताबें पढ़ ली गईं हैं उन्हें मैं स्कूलों की लाइब्रेरी में भेज दी हैं। फिर मुझे ऑफिस से पता चलता है कि साहब ने उन सभी को वापस मंगवा लिया है। अब तो यह हाल है कि शेल्फ में तो किताबों की जगह ही नहीं बची है। जिसके चलते किताबें कहीं भी पड़ी रहती हैं। कभी-कभी तो ये जमीन पर बिखरी रहती हैं।’
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jaya bachchan
- फोटो : amar ujala
इसी समारोह में अमिताभ बच्चन से आलोचनाओं को लेकर भी एक सवाल किया गया। इस पर बिग बी बोले- सबसे पहले दिमाग में यह आता है कि किसी ने सच में मेरा लिखा हुआ पढ़ा है। दूसरा सवाल यह आता है कि अगर हमारा काम कोई न देखे तो यह काफी बुरा है। पर इस सबके बाद भी मैं आलोचना स्वीकार करता हूं क्योंकि उसके अलावा आपके कार्य की असलियत और उसका प्रभाव क्या पड़ता है यह कौन बताएगा।