मीटू मामले में अनु मलिक को मिली राहत, महिला आयोग ने सबूत ना मिलने पर बंद किया केस
महिला आयोग को अनु मलिक के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले, इस वजह से उन्हें ये कदम उठाना पड़ा। इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग की मुखिया रेखा शर्मा ने कहा है कि एक शिकायतकर्ता के अभियोग का जवाब देते हुए, हमने शिकायतकर्ता को लिखा। रेखा आगे कहती हैं, 'शिकायतकर्ता ने हमसे कहा था कि वह एक यात्रा पर है, और जब भी वह लौटेगी, वह हमसे मिलने आएगी। हमने लगभग 45 दिनों तक इंतजार किया, और हमने कुछ दस्तावेज भी मांगे थे। लेकिन, उसके बाद उसने कभी जवाब नहीं दिया। शिकायतकर्ता ने हमें सूचित किया कि ऐसी और भी महिलाएं हैं जिनके पास अनु मलिक के खिलाफ शिकायतें हैं। इसके बाद हमने उनसे कहा कि वे भी हमारे साथ शिकायत दर्ज कर सकते हैं, लेकिन उनमें से किसी ने भी अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।'
रेखा मामले के बारे में बताती हैं कि इसका फैसला अभी पूरी तरह से नहीं हुआ है। वह कहती हैं, 'यह मामले का स्थायी बंद नहीं है। यदि शिकायतकर्ता आगे आता है या मामले से संबंधित और ज्यादा सबूत लाता है, या किसी भी तरह के दस्तावेज सबूत के तौर पर जमा करता है, तो हम इस केस को फिर से खोल सकते हैं।'
अनु मलिक पर सोना माेहापात्रा के अलावा श्वेता पंडित ने भी यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे। इस मामले में नेहा भसीन ने भी सोना का समर्थन किया था। सोना के आरोपों पर अनु मलिक ने कहा था, 'मैं अब इस पर बोलना चाह रहा हूं । मेरे ऊपर लगे सभी आरोप गलत हैं । मैं दो बेटियों का पिता हूं । मैं ऐसा करने की सोच भी नहीं सकता ।'
अनु मलिक को 'इंडियन आइडल 11' में बतौर जज लिया गया था, लेकिन सोना ने फिर से आवाज उठाई तो अनु मलिक को शो से हटा दिया गया । इससे पहले भी अनु को इंडियन आइडल 10 से हटाया जा चुका है। अनु की जगह हिमेश रेशमिया को जज की भूमिका मिल गई थी ।
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