Manish Mundra: ‘मसान’ और ‘आंखों देखी’ के निर्माता खुद ही बने फिल्म निर्देशक, ये रही पहली फिल्म की पूरी कहानी
निर्माता के तौर पर मनीष मूंदड़ा ने अतीत में कुछ बेहद शानदार फिल्में मसलन ‘आंखों देखी’, ‘मसान’ और ‘न्यूटन’ बनाई हैं। अब निर्माता मनीष मूंदड़ा निर्देशन की दुनिया में कदम रख रहे हैं।
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फिल्म समारोहों में खूब वाहवाही लूटने वाली फिल्में बनाते रहे निर्माता मनीष मूंदड़ा अब खुद फिल्म निर्देशक बनने जा रहे हैं। मनीष ने अपनी ये इच्छा अपनी पिछली फिल्म ‘हर किसी के हिस्से कामयाब’ के समय ही जाहिर की थी, लेकिन शाहरुख खान की कंपनी रेड चिलीज एंटरटेनमेंट की मदद के बावजूद ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पहले हफ्ते में ही ढेर हो गई तो मनीष की फिल्म का एलान भी लटक गया। अब मनीष ने अपनी इस अरसे से तैयारी में रही फिल्म ‘सिया’ का ऐलान किया है। इस समय फिल्म के एलान की एक वजह ये भी बताई जा रही है कि इसमें काम कर रहे अभिनेता विनीत कुमार सिंह की एक नई वेब सीरीज हाल ही में रिलीज हुई है।
निर्माता के तौर पर मनीष मूंदड़ा ने अतीत में कुछ बेहद शानदार फिल्में मसलन ‘आंखों देखी’, ‘मसान’ और ‘न्यूटन’ बनाई हैं। आमतौर पर मनीष की फिल्में सिनेमा के एक खास वर्ग को ही भाती रही हैं और बॉक्स ऑफिस पर इन फिल्मों की सफलता के लिए इसके कलाकार और निर्देशकों का संघर्ष लगातार जारी रहा है। उनकी कंपनी दृश्यम फिल्म्स नाम से है और अलग अलग फिल्म कंपनियों से साझेदारी करके वह लगातार फिल्में बनाते रहे हैं। उनकी बनाई फिल्म ‘न्यूटन’ को फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने भारत की आधिकारिक एंट्री बनाकर ऑस्कर भी भेजा था।
अब निर्माता मनीष मूंदड़ा निर्देशन की दुनिया में कदम रख रहे हैं। बतौर निर्देशक उनकी पहली फिल्म ‘सिया’ एक छोटे से शहर की लड़की की कहनी है जो सभी बाधाओं का सामना करते हुए न्याय के लिए लड़ने का फैसला करती है। यह किरदार एक ऐसी व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन शुरू करती है जिस पर मनीष के हिसाब से ‘शातिर पुरुष प्रधान व्यवस्था’ का वर्चस्व रहा है। फिल्म में विनीत कुमार सिंह के साथ लीड किरदार में पूजा पांडेय को साइन किया गया है।
अपनी फिल्म के बारे में निर्देशक मनीष मूंदड़ा कहते हैं, ''दिन-ब-दिन, साल दर साल महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले बढ़ते जा रहे हैं। सिया, घोर अमानवीयता को चित्रित करने का एक प्रयास है जहां शक्तिहीन, निर्दोष महिलाओं को एक ऐसी दुनिया में रखा जाता है जहां सेक्स को वर्जित मानने के बाद भी भी महिलाओं को सेक्स ऑब्जेक्ट के रूप में देखा जाता है।”
फिल्म ‘सिया’ के बारे में इसकी हीरोइन पूजा पांडेय कहती हैं, “एक महिला के रूप में यह कहानी मुझे महत्वपूर्ण लगी। यह एक ऐसी कहानी है जिसे बताना बहुत ज़रूरी है, यह अनगिनत पीड़ितों की भावनाओं को प्रतिध्वनित करती है।" जबकि विनीत कुमार के मुताबिक यह फिल्म पावर पैक और हार्ड हिटिंग है जो निश्चितरूप से दर्शकों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करेगी।”