हिंदी फिल्मों के बादशाह रह चुके अभिनेता शाहरुख खान की वर्ष 2018 में आई फिल्म 'जीरो' पर मशहूर अभिनेता व निर्देशक लिलिपुट ने कहा है कि शाहरुख को यह फिल्म करनी ही नहीं चाहिए थी क्योंकि इसमें करने के लिए कुछ था ही नहीं। साथ ही लिलिपुट ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें शाहरुख खान की यह फिल्म बिल्कुल पसंद नहीं आई।
दो साल पहले आनंद एल राय के निर्देशन में बनी फिल्म 'जीरो' जब बुरी तरह फ्लॉप हुई तो इसने शाहरुख के करियर पर ही सवाल खड़े कर दिए। नाकामी का आलम यह रहा कि अब तक शाहरुख खान ने आधिकारिक रूप से अपने लिए किसी भी नई फिल्म की घोषणा नहीं की। शाहरुख के दो साल पुराने उसी जख्म को अब कुरेदा है अभिनेता लिलिपुट ने। लिलिपुट का कहना है कि जब उन्हें फिल्म 'जीरो' की कहानी पता भी नहीं थी, उससे पहले ही उन्होंने सोच लिया था कि शाहरुख के लिए यह फिल्म ठीक नहीं।
लिलिपुट ने कहा, 'मुझे फिल्म 'जीरो' बिल्कुल पसंद नहीं आई। जब मुझे इस फिल्म की कहानी के बारे में कुछ नहीं पता था तो मेरी सबसे पहली प्रतिक्रिया यही थी कि शाहरुख के लिए यह फिल्म ठीक नहीं। जब किसी सामान्य कलाकार को लंगड़े, लूले, गूंगे, बहरे, अंधे, आदि का किरदार मिलता है तो वह चुनौतीपूर्ण होता है। क्योंकि, एक सामान्य इंसान को ऐसा बनकर दिखाना है जो वह नहीं है। लेकिन, एक बौने के रूप में एक अभिनेता को करना ही क्या है?'
लिलिपुट का कहना है कि बौने का तो सिर्फ कद छोटा है और हाथ छोटे हैं। बाकी वह सोचता भी सामान्य इंसानों की तरह है और करता भी। उन्होंने कहा, 'शाहरुख खान एक मशहूर कलाकार हैं। सब उन्हें जानते हैं। जब लोगों को पहले से ही पता है कि वह बौने नहीं हैं तो दर्शकों पर वह कैसे प्रभाव छोड़ पाएंगे? और दूसरी बात यह है कि फिल्म में अगर वह बौने बने तो उन्हें एक बौने की परेशानियों को भी तो दिखाना चाहिए जो उसे समाज में झेलनी पड़ती हैं।'
फिल्म 'जीरो' में अनुष्का शर्मा के काम को सराहते हुए लिलिपुट ने कहा कि शाहरुख से अच्छी कहानी तो अनुष्का शर्मा की रही। वह कहते हैं, 'अनुष्का का किरदार बोल नहीं पाता है, चल नहीं पाता है। तो वह समझ में आता है। शाहरुख के किरदार तो उछल कूद भी कर रहा है। उसे तो कोई परेशानी मालूम ही नहीं पड़ती। पटकथा लेखन भी ऐसा हुआ कि समझ ही नहीं आया। इतने होशियार और कामयाब लोगों ने फिल्म बनाई, फिर भी ऐसी चूक हुई। खैर, वह भी इंसान हैं। हो गई गलती।'