हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े कहानीकारों और निर्देशकों में से एक गुलजार ने अपनी बेटी मेघना गुलजार को उनकी पहली फिल्म 'फिलहाल' से ही सहयोग किया है। वह बताते हैं कि मेघना शुरुआत से ही बहुत महत्वकांक्षी निर्देशक रही है, लेकिन उनके साथ काम करने में उन्हें बहुत मजा आता है।
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अपनी बेटी मेघना के बारे में बात करते हुए गुलजार कहते हैं कि अपने काम को सही ढंग से करने के लिए एक निर्देशक को क्या चाहिए? उसे पता रहता है। वह कहते हैं, 'अपनी जरूरत के हिसाब से सभी निर्देशक महत्वाकांक्षी हो जाते हैं, लेकिन मेघना बचपन से ही बहुत महत्वाकांक्षी रही है। वह तब भी जिद्दी थी जब वह एक बच्ची थी, और अब वह एक निर्देशक बन चुकी है, फिर भी वह वैसी ही जिद्दी है। उसके साथ फिल्म 'फिलहाल' में भी काम करना आसान नहीं था, और अब छपाक भी बहुत मुश्किल रही, लेकिन मजा बहुत आया।'
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मेघना गुलजार
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अपने करियर को एक निर्देशक की दिशा में मोड़ने से पहले मेघना ने अपने पिताजी गुलजार के साथ फिल्म 'माचिस' और 'हु तू तू' में एक सह निर्देशक के तौर पर काम किया है। गुलजार को लगता है कि मेघना ने अब तक जिस तरह की फिल्में की हैं, उन्हें बनाने के लिए गहरे यकीन और प्रेरणा की जरूरत होती है। वह कहते हैं, 'मेघना हमेशा मुश्किल विषयों को चुनती है। वह न केवल एक गीतकार के रूप में मेरे लिए, बल्कि खुद के लिए भी मुश्किलें पैदा करती हैं। मुझे नहीं पता कि वह सभी कठिनाइयों से गुजरना क्यों पसंद करती है। लेकिन अंत में वह हमेशा विजयी होकर ही लौटी है।'
गुलजार की एक निर्देशक रूप में अंतिम फिल्म 'हू तू तू' थी। वह आगे फिल्म करने के सवाल पर कहते हैं, 'अब मुझे फिल्म नहीं करनी चाहिए। फिल्म निर्माताओं की यह पीढ़ी मुझसे बहुत आगे है। अब मैं तो बस इस सब के काम का बैठकर आनंद लेना चाहता हूं। अब तो मैं फिल्मों के लिए इस युवा पीढ़ी पर ज्यादा निर्भर भी हो गया हूं। सभी लोग बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। सिर्फ मेघना ही नहीं, बल्कि विशाल भारद्वाज और राकेश ओमप्रकाश मेहरा जैसे लोग भी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं।'
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विक्रांत मैसी, मेघना गुलजार और दीपिका पादुकोण
- फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि हाल ही में रिलीज हुई मेघना गुलजार की फिल्म छपाक के लिए गुलजार ने एक गीतकार के तौर पर काम किया है। इस फिल्म में मुख्य भूमिका में दीपिका पादुकोण और विक्रांत मैसी हैं। यह फिल्म तेजाब हमले की पीड़िता लक्ष्मी अग्रवाल के जीवन पर आधारित है।