दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की जिंदगी पर फिल्म बनाई जा रही है, जिसका नाम 'न्याय: द जस्टिस' है। लेकिन ये फिल्म रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। खुद को सुशांत सिंह राजपूत का फैन बताने वाले मनीष मिश्रा ने अपनी याचिका में दावा किया है कि अभिनेता की जिंदगी पर बनी यह फिल्म तथ्यों के साथ छेड़छाड़ कर उनकी छवि को धूमिल करेगी। जिसपर बॉम्बे हाई कोर्ट ने उनकी याचिका को लेकर सवाल किया है।
2 of 5
सुशांत सिंह राजपूत (फाइल फोटो)
- फोटो : Instagram
बॉम्बे हाई कोर्ट ने मनीष मिश्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए बुधवार को जस्टिस पृथ्वीराज चव्हाण ने मनीष मिश्रा से पूछा, 'आपको कैसे पता कि वे क्या दिखाने जा रहे हैं?' सुनवाई के दौरान जस्टिस चव्हाण ने इस मामले में मनीष मिश्रा के व्यक्तिगत रुचि पर सवाल उठाया तो उनके वकील चेतन अग्रवाल ने कहा कि, 'मेरे क्लाइंट बिजनेसमैन, समाजसेवी और सुशांत सिंह राजपूत के फैन हैं।' उनके वकील ने ये दावा किया कि फिल्म का शीर्षक इसके कंटेंट के बारे में खुलासा करता है।
बता दें कि मनीष मिश्रा ने 22 दिसंबर 2020 को डिंडोशी सिविल कोर्ट में फिल्म 'न्याय: द जस्टिस' के खिलाफ मुकदमा दायर किया था, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। जिसके बाद मनीष ने हाईकोर्ट में इसे चुनौती दी थी, जिस पर बुधवार को सुनवाई हुई। मनीष ने अपनी इस याचिका में कहा कि, 'अभी सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में जांच चल रही है। अभी यह तय होना बाकी है कि सुशांत ने सुसाइड की या उनका मर्डर हुआ। इसलिए प्रोड्यूसर्स को 'न्याय : द जस्टिस' की रिलीज, इसे दिखाने और इसका विज्ञापन करने से रोका जाए।' अब इस मामले की अगली सुनवाई मार्च के पहले सप्ताह में होगी।
दिलीप गुलाटी के निर्देशन में बनी फिल्म 'न्याय : द जस्टिस' की शूटिंग हाल ही में पूरी हुई है। फिल्म में टीवी एक्टर जुबैर खान सुशांत सिंह राजपूत से प्रेरित किरदार की भूमिका में दिखाई देंगे, जबकि श्रेया शुक्ला रिया चक्रवर्ती की भूमिका में होंगी। तो वहीं शक्ति कपूर इस फिल्म में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के चीफ राकेश अस्थाना का किरदार निभाएंगे।
फिल्म के प्रोड्यूसर अशोक सरावगी ने बताया कि फिल्म की कहानी सुशांत सिंह राजपूत की जिंदगी से प्रेरित है। इसमें लीड किरदार का नाम महेंद्र उर्फ माही रखा गया है। जबकि रिया चक्रवर्ती से प्रेरित किरदार उर्वशी है। चूंकि, यह कहानी पब्लिक डोमेन में है, इसलिए इसके राइट्स लेने की जरूरत नहीं पड़ी।