ग्रेट शोमैन राज कपूर को इस दुनिया से अलविदा कहे हुए 33 साल हो गये हैं, लेकिन उनके कई किस्से आज भी उतने ही मशहूर हैं, जितने उस जमाने में थे। तीन राष्ट्रीय पुरस्कार और 11 फिल्मफेयर पुरस्कार से नवाजे जाने वाले राज कपूर ने 10 साल की उम्र में पहली बार हिंदी फिल्म 'इंकलाब' में अभिनय किया। फिल्म इंडस्ट्री की इस महान शख्सियत ने मात्र 24 साल की उम्र में खुद का स्टूडियो 'आर.के स्टूडियो' स्थापित कर डाला।
उन्हें बड़ा ब्रेक साल 1947 में आई फिल्म 'नील कमल' से मिला जिसमें वो बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री मधुबाला के साथ लीड रोल में थे। राज कपूर के फिल्मी दुनिया के किस्से जितने मशहूर हैं, निजी जीवन के किस्से भी सिनेप्रेमियों के बीच पॉपुलर हैं। वो भारतीय सिनेमा के स्वर्णयुगीन फिल्मकार, निर्देशक और अभिनेता थे। उन्होंने करीब चार दशक तक फिल्म इंडस्ट्री पर राज किया और तिरसठ साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन उनके कई किस्से आज भी सिनेमा प्रेमियों की जुबान पर रहते हैं। वो चाहे नरगिस के साथ उनका प्रेम हो या फिर जमीन पर सोने की उनकी आदत। नरगिस को प्रेम पत्र भेजने वाला उनका किस्सा भी काफी मशहूर है। राज कपूर के बारे में कहा जाता है कि उनको ब्रांडिड शराब पीना और अपने दोस्तों को शराब पिलाना काफी पसंद था। उन्होंने अपने लिए शराब का एक ब्रांड तक चुन रखा था, जिसे वो लंदन से खरीदते थे।
2 of 6
नरगिस, राज कपूर
- फोटो : सोशल मीडिया
वो ऐसे कलाकार थे, जिन्होंने ग्यारह साल की उम्र में फिल्म 'वाल्मीकि' में अपने पिता पृथ्वीराज कपूर के साथ काम किया और बाईस साल की उम्र में पहली फिल्म 'आग' बनाकर सिनेमा प्रेमियों को चकित कर दिया। उन्होंने भारतीय सिनेमा को कालजयी फिल्में दीं। उनकी 'आवारा', 'श्री 420', 'मेरा नाम जोकर', 'बरसात' 'जागते रहो', 'राम तेरी गंगा मैली' और 'बॉबी' जैसी फिल्में आज भी दर्शकों को खूब पसंद आती हैं।
3 of 6
राज कपूर
- फोटो : Instagram
यह तो सभी जानते हैं कि राज कपूर को राज कपूर बनाने में उनके पिता पृथ्वीराज कपूर का अहम योगदान था। उन्हें सिनेमा की समझ अपने पिता से ही मिली और उनकी रचनात्मकता को भी पिता ने ही निखारा। बताया जाता है कि एक बार राज कपूर अन्य बच्चों की ही तरह ट्राम से स्कूल जाने वाले थे, लेकिन बाहर जोरों की बारिश हो रही थी। उन्होंने जब अपनी मां से पूछा कि वो आज कार से स्कूल जा सकते हैं? इस पर मां ने पिता से पूछ कर बताने के लिए कहा। जब पृथ्वीराज कपूर ने यह सुना तो जवाब दिया कि इस बारिश में पानी के थपेड़े झेलते हुए स्कूल जाने में भी 'थ़्रिल' है और राज कपूर को इसका तजुर्बा लेने दो। राज दरवाजे के पीछे से मां और पिता की बात सुन रहे थे, जिस पर उन्होंने पिता पृथ्वी राज कपूर से कहा, 'सर, मैं ट्राम से ही स्कूल जाऊंगा।'
4 of 6
मुकेश, राज कपूर
- फोटो : सोशल मीडिया
राज कपूर ने अपनी पहली नौकरी पिता के स्टूडियो में ही की थी। उनके कहने पर पिता ने उन्हें 1 रुपए महीने की नौकरी पर रखा था और राज कपूर का काम स्टूडियो में झाड़ू लगाना था। स्टूडियो में झाड़ू लगाकर ही इस महान फिल्मकार ने एक दिन 24 साल की उम्र में खुद का स्टूडियो खोल लिया, जिसके बैनर तले खूब फिल्में बनी।
5 of 6
नरगिस और राज कपूर
- फोटो : Instagram
राज कपूर के बारे में कहा जाता है कि वो कभी बिस्तर पर नहीं सोते थे। उन्हें जमीन पर सोने में ही आनंद आता था। वो जब किसी होटल में भी ठहरे थे, तो भी जमीन में ही सोते थे। यह भी कहा जाता है कि वो जब लंदन के मशहूर हिल्टन होटल में जमीन पर सोने जा रहे थे, तो उन्हें होटल प्रबंधकों ने इसके लिए चेताया भी और ऐसा नहीं करने के लिए कहा। जब वो नहीं माने और गद्दा खींचकर अगली बार भी जमीन पर ही सोये तो उन पर जुर्माना लगाया गया।अपनी इस आदत के कारण पांच दिन तक वो जुर्माना भरते रहे।