अनुराग कश्यप बॉलीवुड के सबसे प्रतिभाशाली फिल्म निर्देशकों में से एक हैं। उन्होंने अपनी फिल्मों से लोगों के दिलों में खास जगह बनाई है। निर्देशन के अलावा अनुराग अपने बयानों की वजह से भी अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। हाल ही में एक कार्यक्रम में अपने दिए बयान की वजह से वे एक बार फिर से चर्चा में आ गए हैं। इवेंट में कश्यप ने 90 प्रतिशत नारीवादी फिल्मकारों को धोखेबाज बताया है।
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कोलकाता में एक कार्यक्रम में अनुराग कश्यप ने इंडस्ट्री की स्थिति के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माता दो तरह के हैं- एक समूह जो सिर्फ अपनी फिल्मों से पैसा कमाना चाहता है, और बाकी के निर्देशक अवसरवादी हैं।
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अनुराग कश्यप
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
पिछले कुछ वर्षों में नारीवादी सिनेमा में पुरुषों को टॉक्सिक दिखाए जाने में हुई वृद्धि के बारे में जब उनसे पूछा गया तो इसके जवाब में उन्होंने कहा कि हर फिल्मकार को हर तरह की फिल्म बनाने का अधिकार होना चाहिए। फिल्म निर्देशक ने केजीएफ और सालार के मेकर्स का उदाहरण देते हुए उन्हें ईमानदार और अवसरवादी बताया, जो पैसा कमाने और सफल फिल्में बनाने को लेकर काफी स्पष्ट हैं।
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अनुराग कश्यप
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
उन्होंने कहा, “मैं ज्यादातर फिल्म निर्माताओं को व्यक्तिगत रूप से जानता हूं। केजीएफ और सालार जैसी फिल्मों के पीछे के लोग दो प्रकार के होते हैं। वे अवसरवादी और बहुत ईमानदार हैं। वे केवल पैसा कमाना और हिट फिल्में बनाना चाहते हैं।''
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अनुराग कश्यप
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
“वहीं, जो फिल्म निर्माता नारीवादी, समाजवादी, क्रांतिकारी लगते हैं… उनमें से 90% धोखेबाज हैं। वे सभी दिखावा कर रहे हैं। इतने सारे स्वतंत्र फिल्ममेकर्स को एक साथ लाने की इतने वर्षों की कोशिश के बाद मुझे एहसास हुआ कि स्वतंत्र फिल्मकार सबसे खराब हैं क्योंकि वे एक-दूसरे को नीचा दिखाते हैं और दूसरों का नाम बीच में लाते हैं। तथाकथित बुद्धिमान लोगों और तथाकथित मूर्खों के बीच क्या अंतर है? मूर्ख एकजुट हैं। बुद्धिमान लोग एक-दूसरे को नीचे गिराने में व्यस्त हैं।"
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