भारत देश विविधताओं का देश है। भारतीय सिनेमा में हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगू, मलयालम, बांग्ला और कन्नड़ सिनेमा के सितारे भी पूरी दुनिया में जगमगाते रहे हैं। ये भाषाई सुपरस्टार किसी दूसरी फिल्म इंडस्ट्री में अपना भाग्य आजमाने की कोशिश करते हैं तो बहुत ही कम ऐसे कलाकार होते हैं जो वहां भी कामयाबी पा पाते हैं। आज दक्षिण भारतीय सिनेमा के अभिनेता दलकीर सलमान का जन्मदिन है। वह हिंदी फिल्मों जैसे; 'जोया फैक्टर' और 'कारवां' में भी काम कर चुके हैं। इस मौके पर हम आपको बताते हैं कि दक्षिण भारतीय सिनेमा के वह कौन से बड़े कलाकार रहे जिन्होंने हिंदी सिनेमा में भी अपना भाग्य आजमाया।
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कमल हासन
तमिल फिल्मों के सुपरस्टार कमल हासन पहले ऐसे कलाकार रहे जिन्होंने पूरी योजना के साथ हिंदी फिल्मों की तरफ अपना रुझान बढ़ाया। उन्होंने वर्ष 1977 में आई फिल्म 'आईना' में एक छोटा सा कैमियो किया था। फिर उसके बाद उन्होंने के बालाचंदर के निर्देशन में बनी रोमांटिक ड्रामा फिल्म 'एक दूजे के लिए' से हिंदी सिनेमा में अपनी जगह बनाई। इसके बाद तो कमल ने हिंदी की फिल्मों जैसे; सनम तेरी कसम, जरा सी जिंदगी, सदमा, राज तिलक, सागर, गिरफ्तार, चाची 420 आदि फिल्मों में काम करके नाम कमाया।
रजनीकांत
तमिल लोगों के लिए देवता के समान पूज्य माने जाने वाले कलाकार रजनीकांत ने हिंदी में अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1983 में आई सुपरहिट फिल्म 'अंधा कानून' से की थी। दक्षिण भारतीय सिनेमा की तरह हिंदी सिनेमा में भी रजनीकांत अपने अनोखे अंदाज के लिए आज भी याद किए जाते हैं। इस फिल्म के बाद उन्होंने मेरी अदालत, जॉन जानी जनार्दन, गिरफ्तार, भगवान दादा, असली नकली, इंसाफ कौन करेगा, गैर कानूनी, चालबाज, हम, फरिश्ते, फूल बने अंगारे, बुलंदी जैसी दसियों फिल्मों में काम किया।
चिरंजीवी
तेलुगू फिल्मों में अपने समय में सबसे बड़े अभिनेता कहे जाने वाले चिरंजीवी भी अपनी धाक जमाने के लिए हिंदी सिनेमा में आए। हालांकि, उनका जोशीला अंदाज हिंदी फिल्मों में कुछ ज्यादा नहीं चल सका। इसलिए, वह हिंदी की कुछ मुट्ठी भर फिल्मों में ही नजर आए। उन्होंने रवि राजा पिनीसेट्टी के निर्देशन में वर्ष 1990 में आई फिल्म 'प्रतिबंध' से अपना हिंदी सिनेमा में करियर शुरू किया। इस फिल्म में उनके साथ जूही चावला ने मुख्य भूमिका निभाई। इसके बाद चिरंजीवी 'आज का गुंडाराज' और महेश भट्ट की फिल्म 'द जेंटलमैन' जैसी कुछ और फिल्मों में नजर आए। फिर वह हिंदी फिल्मों से रुखसत हो गए।
नागार्जुन
नागार्जुन ने हिंदी फिल्मों में अपने करियर की शुरुआत राम गोपाल वर्मा की फिल्म 'शिवा' से की। इस सुपरहिट फिल्म के बाद तो नागार्जुन अमिताभ बच्चन के साथ 'खुदा गवाह' में भी नजर आए। इसी कड़ी में उन्होंने द्रोही, क्रिमिनल, मिस्टर बेचारा, अंगारे, अग्नि वर्षा और एलओसी कारगिल जैसी फिल्में कीं। अब वह धर्मा प्रोडक्शंस के निर्माण में बन रही फिल्म 'ब्रह्मास्त्र' में भी एक अहम भूमिका निभाते हुए नजर आएंगे।