वेब सीरीज 'मिर्जापुर' के लेखकों और निर्देशकों को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सीरीज के पहले सीजन के लेखक पुनीत कृष्णा और दूसरे सीजन के लेखक विनीत कृष्णा और निर्देशक करण अंशुमान, गुरमीत सिंह को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर और जस्टिस दीपक वर्मा की बेंच ने उत्तर प्रदेश सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब तलब भी किया है।
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मिर्जापुर
- फोटो : Mirzapur
बता दें कि 17 जनवरी को मिर्जापुर जिले के चिलबिलिया के रहने वाले अरविंद चतुर्वेदी ने वेब सीरीज के खिलाफ शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि वेब सीरीज 'मिर्जापुर' उनकी धार्मिक, सामाजिक और क्षेत्रीय भावनाओं को आहत करती है। शिकायतकर्ता ने ये भी कहा था कि सीरीज के कारण लोगों के बीच अनबन हो रही है और इसमें अपशब्द का प्रयोग किया गया है। साथ ही नाजायज संबंधों से जुड़ा कंटेंट भी दिखाया गया है।
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- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
अरविंद की शिकायत के आधार पर करण अंशुमान, गुरमीत सिंह, पुनीत कृष्णा, विनीत कृष्णा के खिलाफ देहात कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। थाना प्रभारी विजय कुमार चौरसिया के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम जांच के लिए मुंबई भी पहुंची थी।
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- फोटो : अमेजन प्राइम वीडियो
मेकर्स ने दर्ज हुई एफआईआर के खिलाफ इलाहाबाद कोर्ट की ओर रुख किया था। उन्होंने कहा था, 'उनकी वेबसीरीज काल्पनिक है और हर एपिसोड के पहले डिस्क्लेमर में यह स्पष्ट किया गया है। उन्होंने कोर्ट से गुजारिश की थी कि उनके खिलाफ दर्ज FIR निरस्त कर मामले की आगे की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।'
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मिर्जापुर।
- फोटो : अमर उजाला
वेबसीरीज 'मिर्जापुर' के खिलाफ जनवरी में एक अन्य याचिका भी लगाई गई थी। जिसमें आरोप लगाया गया था कि सीरीज में मिर्जापुर की गलत छवि दिखाई गई है। सीरीज शहर को आतंकी और गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त दिखाती है और यह जनपद और उत्तर प्रदेश को भी बदनाम करती है। याचिकाकर्ता ने ओटीटी कंटेंट को रेगुलेट करने की अपील भी की थी।