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अनंत नाग: 'आश्रम में पला बढ़ा, पापी पेट के लिए..'; सम्मान पाकर भावुक हुए अभिनेता, सुनाई संघर्ष की कहानी
Tue, 22 Sep 2026 07:48 PM IST
संदेश मेहरा
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: संदेश मेहरा
Updated Tue, 22 Sep 2026 07:48 PM IST
सार
72nd National Film Awards 2026: आज गुजरात के एकता नगर में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार का आयोजन हुआ। समारोह में अनंत नाग को दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस दौरान अनंत ने अपने बचपन के संघर्षों पर खुलकर बात की।
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अनंत नाग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आज 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन हुआ, जिसमें एक्टर्स को उनके सिनेमा जगत में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मान दिया गया। दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को पुरस्कार समारोह में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अवॉर्ड लेते समय उन्हें सम्मान देने के लिए पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा और ममूटी को स्टैंडिंग ओवेशन दिया गया। अवॉर्ड लेते वक्त एक्टर काफी भावुक नजर आए।
मेरा बचपन एक आश्रम में बीता
सम्मान मिलने के बाद अनंत नाग ने वहां मौजूद लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, 'मैं इस समारोह की भव्यता को समझने की कोशिश कर रहा हूं। आज यहां आप सभी के साथ मौजूद होकर मैं बहुत खुश हूं। एक अभिनेता के तौर पर आपने मुझे अभिनय करते हुए देखा है। आपने मेरी कुछ झलकियां भी देखी हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'मेरा बचपन एक आश्रम में बीता, 12 साल की उम्र तक मैं वहीं रहा। इसके बाद मुंबई में मुझे एक नाटक में अभिनय करने का मौका मिला। उस सम तक हमें नहीं पता होता था कि अभिनय और करियर क्या होता है। सब कहते थे पापी पेट के लिए ऐसा करते हैं। इसके बाद एक्टर के तौर पर मेरा करियर शुरू हुआ।'
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मेरा बचपन एक आश्रम में बीता
सम्मान मिलने के बाद अनंत नाग ने वहां मौजूद लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, 'मैं इस समारोह की भव्यता को समझने की कोशिश कर रहा हूं। आज यहां आप सभी के साथ मौजूद होकर मैं बहुत खुश हूं। एक अभिनेता के तौर पर आपने मुझे अभिनय करते हुए देखा है। आपने मेरी कुछ झलकियां भी देखी हैं।'
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उन्होंने आगे कहा, 'मेरा बचपन एक आश्रम में बीता, 12 साल की उम्र तक मैं वहीं रहा। इसके बाद मुंबई में मुझे एक नाटक में अभिनय करने का मौका मिला। उस सम तक हमें नहीं पता होता था कि अभिनय और करियर क्या होता है। सब कहते थे पापी पेट के लिए ऐसा करते हैं। इसके बाद एक्टर के तौर पर मेरा करियर शुरू हुआ।'
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सम्मान पाकर भावुक हुए अनंत नाग
- फोटो : वीडियो ग्रैब
ये अवॉर्ड सिर्फ मेरे लिए नहीं है
आगे सबका धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा, 'मुझे बहुत शानदार मौके कन्नड़ इंडस्ट्री में मिले। बहुत सपोर्ट मिला। मैं बहुत आभारी हूं। मैं कुछ लोगों को याद करना चाहता हूं। उन लोगों को, जो एक्टिंग के 55 साल के मेरे करियर में मेरे साथ रहे। ये अवॉर्ड सिर्फ मेरे लिए नहीं है। ये हर प्रोड्यूसर, डायरेक्टर, डायलॉग राइटर, सॉन्ग राइटर, मेकअप आर्टिस्ट, असिस्टेंट डायरेक्टर के लिए है।'
अनंत आगे बोले, 'ये अवॉर्ड लाखों लोगों के लिए है, जिन्होंने मेरे लिए अपने जहन और दिलों में जगह बनाई। ये देश मेरी जन्मभूमि है, कर्नाटक मेरी कर्मभूमि है। जन्मभूमि, कर्मभूमि और भारत मेरी धर्मभूमि भी है। मैं एक बार फिर आप सबका शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। पिछले 70 दशकों के लिए। शुक्रिया, जय हिंद, वंदे मातरम।'
आगे सबका धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा, 'मुझे बहुत शानदार मौके कन्नड़ इंडस्ट्री में मिले। बहुत सपोर्ट मिला। मैं बहुत आभारी हूं। मैं कुछ लोगों को याद करना चाहता हूं। उन लोगों को, जो एक्टिंग के 55 साल के मेरे करियर में मेरे साथ रहे। ये अवॉर्ड सिर्फ मेरे लिए नहीं है। ये हर प्रोड्यूसर, डायरेक्टर, डायलॉग राइटर, सॉन्ग राइटर, मेकअप आर्टिस्ट, असिस्टेंट डायरेक्टर के लिए है।'
अनंत आगे बोले, 'ये अवॉर्ड लाखों लोगों के लिए है, जिन्होंने मेरे लिए अपने जहन और दिलों में जगह बनाई। ये देश मेरी जन्मभूमि है, कर्नाटक मेरी कर्मभूमि है। जन्मभूमि, कर्मभूमि और भारत मेरी धर्मभूमि भी है। मैं एक बार फिर आप सबका शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। पिछले 70 दशकों के लिए। शुक्रिया, जय हिंद, वंदे मातरम।'
VIDEO | Ekta Nagar, Kevadia: After receiving Dadasaheb Phalke Award at the 72nd National Film Awards, veteran actor Anant Nag says, “The majesty of this function, I have not attended many, or perhaps any, such gatherings. But I am very happy to be here with all of you today. As… pic.twitter.com/DOVwyzrTXx
— Press Trust of India (@PTI_News) September 22, 2026
अनंत नाग को दादा साहब फाल्के सम्मान
- फोटो : वीडियो ग्रैब
क्या है दादासाहेब फाल्के पुरस्कार?
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए भारत सरकार की ओर से दिया जाने वाला सबसे बड़ा सम्मान है। इसकी शुरुआत साल 1969 में हुई थी।
यह पुरस्कार फिल्ममेकर दादासाहेब फाल्के की याद में दिया जाता है, जिन्होंने भारत की पहली फुल-लेंथ फीचर फिल्म राजा हरिश्चंद्र का निर्देशन किया था। यह सम्मान भारतीय सिनेमा के विकास और उसे आगे बढ़ाने में अहम योगदान देने वाले कलाकारों को दिया जाता है।
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए भारत सरकार की ओर से दिया जाने वाला सबसे बड़ा सम्मान है। इसकी शुरुआत साल 1969 में हुई थी।
यह पुरस्कार फिल्ममेकर दादासाहेब फाल्के की याद में दिया जाता है, जिन्होंने भारत की पहली फुल-लेंथ फीचर फिल्म राजा हरिश्चंद्र का निर्देशन किया था। यह सम्मान भारतीय सिनेमा के विकास और उसे आगे बढ़ाने में अहम योगदान देने वाले कलाकारों को दिया जाता है।
अनंत नाग
- फोटो : सोशल मीडिया
300 से ज्यादा फिल्में कर चुके हैं अनंत
- अनंत नाग ने अपने करियर में 300 से ज्यादा फिल्में की हैं।
- उन्होंने ज्यादातर कन्नड़ फिल्मों में काम किया है।
- इसके अलावा वे हिंदी, मराठी, तेलुगु, तमिल और मलयालम फिल्मों का भी हिस्सा रह चुके हैं।
- 'अंकुर', 'गौरी गणेश', 'मिनचिना ओटा', 'बेलादिंगाला बाले' और 'केजीएफ' जैसी शानदार फिल्मों में भी अभिनय किया।
अनंत नाग
- फोटो : सोशल मीडिया
कई बड़े सम्मान किए अपने नाम
- अनंत नाग को उनके लंबे और शानदार करियर के दौरान कई पुरस्कार और सम्मान मिल चुके हैं।
- उन्हें पद्म भूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है।
- अपने करियर में उन्होंने 6 फिल्मफेयर अवॉर्ड भी अपने नाम किए हैं।
- इसके अलावा वह कर्नाटक राज्य फिल्म पुरस्कार 5 बार अपने नाम कर चुके हैं।
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