अक्षय खन्ना का नाम उन एक्टर्स की लिस्ट में शुमार है जिन्होंने एक्टिंग के बल पर अपनी जगह खुद बनाई। बॉलीवुड में किसी भी एक्टर के लिए लुक्स काफी अहमियत रखते हैं लेकिन अक्षय ने हर पैमाने को तोड़कर अपने आप को साबित किया। महज 18 साल की उम्र में फिल्मी सफर की शुरुआत करने वाले अक्षय खन्ना आज अपना 43वां जन्मदिन मना रहे हैं। तो चलिए इस मौके पर उनके फिल्मी करियर पर नजर डालते है।
फ्लॉप फिल्में अक्सर एक्टर के करियर को खत्म कर देती हैं लेकिन अक्षय खन्ना के मामले में ऐसा बिल्कुल नहीं है। अक्षय की ज्यादातर फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं कर पाई फिर भी उनके करियर का ग्राफ लगातार बढ़ता चला गया। विनोद खन्ना के बेटे होने के नाते अक्षय पर उम्मीदों का भार ज्यादा था। भले की अक्षय की फिल्मों ने ताबड़तोड़ कमाई न की हो लेकिन उनकी एक्टिंग लोगों का दिल जीतने में कामयाब रही।
साल 1997 में अक्षय ने 'हिमालय पुत्र' से डेब्यू किया था। हालांकि यह फिल्म बुरी तरह फ्लॉप हो गई थी। इसके बाद अक्षय की इसी साल जे पी दत्ता की फिल्म 'बॉर्डर' रिलीज हुई। इस फिल्म में भले ही बहुत ज्यादा एक्टर्स थे लेकिन अक्षय अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहे और फिल्म जबरदस्त हिट हुई। इसके बाद अक्षय कई सारी फिल्मों में नजर आए लेकिन सभी फिल्में बुरी तरह पिट गई जिसमें मोहब्बत, कुदरत, लावारिस, भाई-भाई और डोली सजा के रखना फिल्म शामिल है।
1999 में ऐश्वर्या राय के साथ आई फिल्म 'आ अब लौट चले' से अक्षय के करियर को सहारा मिला और उनकी जोड़ी काफी पसंद की गई। इसके बाद यह दोनों एक बार फिर से 'ताल' फिल्म में नजर आए। हालांकि करियर को उड़ान नहीं मिली जिसकी अक्षय हमेशा ख्वाहिश रखते थे। साल 2001 में 'दिल चाहता है' फिल्म में जबरदस्त अभिनय से आमिर खान और सैफ अली खान को टक्कर दी। इस फिल्म में उनका रोल लोगों के दिलों को छू गया और रातोंरात उनकी किस्मत चमक गई।
'दिल चाहता है' फिल्म उनके करियर की टर्निंग प्वाइंट बनीं इसके बाद 'हमराज' और 'गांधी माय फादर' में उनके किरदार को काफी सराहा गया। वहीं हाल ही में श्रीदेवी के साथ अक्षय 'मॉम' फिल्म में नजर आए थे। इस फिल्म में दमदार इंस्पेक्टर ने फिर से साबित कर दिया कि अक्षय की एक्टिंग का तोड़ नहीं है। इसके बाद 'इत्तेफाक' में नजर आए। इसमें भी उन्होंने पुलिस इंस्पेक्टर का रोल निभाया था।