अपनी संजीदा एक्टिंग से बॉलीवुड में अपना अलग मुकाम बनाने वाले एक्टर अजय देवगन ने इंडस्ट्री में अपने 26 साल पूरे कर लिए। अपनी आँखो से सारा अभिनय कर देने वाले अजय गंभीर अभिनय के साथ-साथ एक्शन के बाद अब कॉमेडी में भी अपना सिक्का जमा चुके हैं। 1991 में आई फिल्म फूल और कांटे से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अजय के इस खास दिन आइए जानते वो 8 किरदार जिन्होंने बनाया उन्हें बॉलीवुड का 'सिंघम'
अपने माता-पिता के रिश्तों के बीच खुद की वजूद की तलाश में परेशान-हैरान इस किरदार ने अजय को बेस्ट एक्टर के लिए उनका पहला राष्ट्रीय अवार्ड दिलवाया था। फिल्म भले ही बॉक्सऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई हो, लेकिन अजय ने इस फिल्म से अपनी एक्टिंग का लोह मनवाया था।
'दीवानगी' में अजय देवगन की कॉम्पलेक्स एक्टिंग का तोड़ आजतक इंडस्ट्री में नजर नहीं आता। एक ही शख्स के अंदर दोहरी पर्सनैलिटी लिए अजय जितना शर्मिले तरंग के किरदार में नजर आए, उतनी ही गहरी छाप जिद्दी रंजीत के रूप में भी छोड़ गए। इसके लिए अजय को निगेटिव रोल में बेस्ट एक्टर का फिल्म फेयर अवार्ड मिला था।
'खाकी' में निभाया गया अजय देवगन का निगेटिव किरदार आज तक लोगों के जेहन में ताजा है। 'दीवानगी' के बाद अजय देवगन की ये दूसरी फिल्म थी जिसमें वो निगेटिव किरदार में नजर आए थे।फिल्म अमिताभ बच्च्न और अक्षय कुमार जैसे सितारों से सजी थी। मगर अजय सभी पर भारी पड़े।
2002 में राजकुमार संतोषी निर्देशित फिल्म 'द लेजेंड ऑफ भगत सिंह' के लिए अजय देवगन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त हो चुका है। बॉलीवुड में कई एक्टर्स ने भगत सिंह का किरदार निभाया, लेकिन स्क्रीन पर अजय देवगन का कोई जवाब नहीं था।