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विश्व जल दिवस : अपनी आय का बड़ा हिस्सा सिर्फ पानी पर खर्चने को मजबूर हैं इन देशों के लोग

Mon, 22 Mar 2021 01:07 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Mon, 22 Mar 2021 01:07 PM IST
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World Water Day 2021, Countries Spends More Money for Drinking Water, World Water Crisis
वर्ल्ड वाटर डे 2021 : विश्व जल दिवस - फोटो : amar ujala

दुनियाभर में 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया जाता है। भारत में हम अक्सर पानी की कमी और उपलब्धता को लेकर तमाम तरह की खबरें और समाचार पढ़ते-सुनते और देखते आए हैं। आज हम आपको दुनिया उन हिस्सों की दास्तां बता रहे हैं जहां पानी के लिए अपनी आय का 50 फीसदी तक का हिस्सा खर्च करना पड़ता है।


विश्व जल दिवस 2021 को लेकर जारी रिपोर्ट्स में संयुक्त राष्ट्र, ब्लूमबर्ग और वॉटरएड ने अलग-अलग देशों की कई रिपोर्ट्स जारी की हैं। इन रिपोर्ट्स में चेताया गया है कि अगर हम समय रहते हुए नहीं चेते और हमने पानी की व्यर्थ बर्बादी नहीं रोकी तो ऐसी ही स्थिति हमारी भी हो सकती है। पानी हमारी पहुंच से दूर होता जाएगा।
अभी भी देश के कई कोनों ऐसे हालात हैं। गर्मी के मौसम जब तपन बढ़ने लगती है तो लोग पीने योग्य पानी के लिए तरसने लगते हैं। दुनिया के कई देशों में कमोबेश ऐसी ही स्थिति है। 

World Water Day 2021, Countries Spends More Money for Drinking Water, World Water Crisis
वर्ल्ड वाटर डे 2021 : पेयजल की किल्लत

एक रिपोर्ट के अनुसार, पापुआ न्यू गिनी के लोग अपनी वार्षिक आय का करीब 54 फीसदी हिस्सा पानी पर खर्च करने को मजबूर हैं। क्योंकि वहां पेयजल की उपलब्धता अत्यंत कम है। वहीं, मेडागास्कर में यह स्थिति 45 फीसदी है तो इथोपिया के लोगों को पानी पर आय का 40 फीसदी हिस्सा खर्च करना पड़ता है।
वहीं, गरीब देशों में शुमार कंबोडिया और घाना के लोग क्रमश: करीब 28 फीसदी और 25 फीसदी हिस्सा पानी पर खर्चते हैं। इनके अपेक्षा फिलहाल भारत की स्थिति बेहतर है, लेकिन भविष्य के लिए चिंता का सबब भी है। भारतीय लोग अपनी आय का मात्र छह फीसदी हिस्सा पानी पर खर्च करते हैं।
इसलिए शायद लोग पानी बचाने को लेकर फ्रिकमंद कम रहते हैं। अगर अमेरिका की बात करें तो वहां आय का महज एक फीसदी हिस्सा ही पानी पर खर्च होता है। इन रिपोर्ट से स्पष्ट है कि गरीब देशों में पानी पर आय का अधिक हिस्सा खर्च होता है। 
 

World Water Day 2021, Countries Spends More Money for Drinking Water, World Water Crisis
वर्ल्ड वाटर डे 2021 : पानी पीते हुए एक स्कूली छात्रा - फोटो : अमर उजाला

साल में 30 दिन जल संकट 
इसमें कोई शक नहीं कि पानी हमारी पहुंच से दूर होता जा रहा है। वैश्विक तपन, जलवायु परिवर्तन और जल प्रदूषण समेत इसके कई कारक हो सकते हैं। इस खबर के आंकड़े यह अहसास कराने के लिए पर्याप्त हैं कि पानी कितना बेशकीमती हो रहा है। दुनियाभर में चार अरब लोग यानी विश्व की आधी आबादी साल में करीब 30 दिन जल संकट का सामना जरूर करती है।
इसके पीछे चाहे कुछ भी कारण माने जाएं, लेकिन यह कड़वा सच है। यह भी उतना ही सच है कि दुनियाभर में रोज औसतन एक हजार बच्चों की मौत दूषित जल और अस्वच्छता संबंधी बीमारियों के कारण होती हैं। वॉटरएड की रिपोर्ट के मुताबिक पानी और टॉयलेट जैसी सुविधाओं पर किया गया खर्च अच्छी सेहत के रूप में हमें चार गुना रिटर्न देता है।

 

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World Water Day 2021, Countries Spends More Money for Drinking Water, World Water Crisis
वर्ल्ड वाटर डे 2021 : जलसंकट - फोटो : PTI

अमेरिका में एक दशक में 50 फीसदी महंगा हुआ पानी 
ऐसा नहीं है कि पानी सिर्फ गरीब देशों में महंगा है। वैश्विक महाशक्ति अमेरिका भी इससे अछूता नहीं है। अमेरिका में बीते एक दशक में पानी के दाम करीब 50 फीसदी तक बढ़ गए हैं। इनके अपेक्षा घरेलू गैस और बिजली के दामों की बढ़ोतरी का औसत काफी कम है। यहां सालाना एक परिवार पानी पर करीब 60 हजार रुपए खर्च करता है।
कैलिफोर्निया में लोगों को 60 हजार गैलन पानी के लिए करीब 82 हजार रुपए प्रति माह चुकाने पड़ते हैं। वहीं दक्षिण अफ्रीका के 60 फीसदी घरों में पेयजल की नियमित आपूर्ति तक नहीं होती। यहां 60 फीसदी घरों में हर 2-3 दिन में एक बार जलापूर्ति की जाती है। जबकि इथोपिया में पानी की होम डिलीवरी के लिए 10 गुना अधिक भुगतान करना पड़ता है। 

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वर्ल्ड वाटर डे 2021 : water bottle

इन देशों में चलता है पानी का कारोबार
भविष्य की बात करें तो अगले चार साल यानी 2025 तक बोतलबंद पानी का कारोबार करीब 22 हजार करोड़ रुपए पर पहुंच जाने का अनुमान है। नॉर्वे के ओस्लो में बोतलबंद पानी दुनिया में सबसे महंगा है। यहां पानी पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण दुनिया के 120 शहरों से करीब तीन गुना महंगा है। इसके बाद तेल अवीव, न्यूयॉर्क, स्टोकहोम, हेलसिंकी, लॉस एंजिलिस, फीनिक्स और सैन फ्रांस्सिको है। 

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