हर साल 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है। इस बार विश्व पर्यटन दिवस की थीम “टूरिज्म एंड रूरल डेवलपमेंट'' है। इसे मनाने का उद्देश्य दुनिया भर में पर्यटन को बढ़ावा देना, जागरूकता बढ़ाना, राजनीतिक और आर्थिक मूल्यों को बढ़ावा देना है। यह दिवस दुनिया भर के लोगों में आपसी समझ बढ़ाने के साथ एक दूसरे की सभ्यता और संस्कृति समझने में सहायता करता है।
World Tourism Day 2020: जानिए 27 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है विश्व पर्यटन दिवस?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विश्व पर्यटन दिवस मनाने की शुरुआत पर्यटन का महत्व और लोकप्रियता को देखते हुए की गई। लोगों को जागरूक करने के लिए संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन हर साल विश्व पर्यटन दिवस की अलग-अलग थीम रखता है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने 1980 से 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के तौर पर मनाने का निर्णय लिया था। विश्व पर्यटन दिवस के लिए 27 सितंबर का दिन इसलिए चुना गया क्योंकि इसी दिन 1970 में विश्व पर्यटन संगठन का संविधान स्वीकार किया गया था।
पर्यटन के क्षेत्र में वृद्धि बढ़ ही रही है। पर्यटन मंत्रालय के अनुसार विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। 2018 में एक करोड़ पांच लाख पर्यटक भारत आए थे। विदेश से आने वाले पर्यटक दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, आगरा और जयपुर घूमना पसंद करते हैं।
पर्यटन भारत की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है।साल 2017 में, पर्यटन से भारत ने लगभग 23 अरब डॉलर का राजस्व अर्जित किया था। साल 2018 में 9.2 फीसदी जीडीपी में योगदान था, जिससे देश को 16.91 लाख करोड़ का फायदा हुआ था। देश में 8.1 फीसदी रोजगार पर्यटन से मिल रहा है।
घरेलू ट्रैवल ज्यादा पसंद
भारत में 2018 में सबसे ज्यादा 87% महंगी छुट्टियां घरेलू ट्रैवल के दौरान बिताई गईं।जबकि 13% योगदान अंतरराष्ट्रीय पर्यटन का रहा। पिछले साल के मुकाबले भारतीय पर्यटन क्षेत्र ने राष्ट्रीय स्तर पर 6.7% और वैश्विक स्तर पर 3.9% की दर से बढ़ोतरी दर्ज की है। इ, लिहाज से भारत महंगी ट्रिप पर जाने वाले देशों में ग्लोबल लीडर बनकर उभरा है।
कमेंट
कमेंट X