फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त

रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में क्या है अंतर, जानें बैंकिंग के वो टर्म जिनका आप पर होता है असर

Sat, 05 Oct 2019 09:59 AM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Sat, 05 Oct 2019 09:59 AM IST
विज्ञापन
What is repo rate, reverse repo rate, CRR, other terms of RBI monetary policy
rbi

रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को फिर से रेपो रेट में कटौती की है। इसके साथ ही रेपो रेट 5.15 फीसदी पर आ गया है। ये लागातार पांचवीं बार है जब रेपो रेट में कटौती की गई है। यह 9 साल में सबसे कम है। 



आपने आरबीआई मॉनेटरी पॉलिसी के दौरान रेपो रेट, रिवर्स रेपो रेट और सीआरआर जैसे शब्द जरूर सुने होंगे। पर क्या आप इन शब्दों के मतलब जानते हैं? आज हम आपको मॉनेटरी पॉलिसी से जुड़ी जरूरी बातें और इन शब्दों का मतलब और मायने बता रहे हैं। इसके लिए आगे की स्लाइड्स देखें।

What is repo rate, reverse repo rate, CRR, other terms of RBI monetary policy
- फोटो : सोशल मीडिया

रेपो रेट

रेपो रेट वह दर होती है जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देता है। बैंक इस कर्ज से ग्राहकों को लोन देते हैं। रेपो रेट कम होने का मतलब है कि बैंक से मिलने वाले कई तरह के कर्ज, जैसे होम लोन, कार लोग अब सस्ते हो जाएंगे। हालांकि बैंक इसे कब तक और कितना कम करेंगे ये उन पर निर्भर करता है। इसे भारतीय रिजर्व बैंक हर तिमाही के आधार पर तय करता है।

What is repo rate, reverse repo rate, CRR, other terms of RBI monetary policy

रिवर्स रेपो रेट

यह रेपो रेट से उलट होता है। यह वह दर होती है जिस पर बैंकों को उनकी ओर से आरबीआई में जमा राशि पर ब्याज मिलता है। रिवर्स रेपो रेट बाजार में नकदी की तरलता को नियंत्रित करने में काम आती है। बाजार में जब भी बहुत ज्यादा नकदी दिखाई देती है, आरबीआई रिवर्स रेपो रेट बढ़ा देता है, ताकि बैंक ज्यादा ब्याज कमाने के लिए अपनी रकम उसके पास जमा करा दें।

विज्ञापन
विज्ञापन
What is repo rate, reverse repo rate, CRR, other terms of RBI monetary policy
- फोटो : pexels.com

सीआरआर

देश में लागू बैंकिंग नियमों के तहत हर बैंक को अपनी कुल नकदी का एक निश्चित हिस्सा रिजर्व बैंक के पास रखना होता है। इसे ही कैश रिजर्व रेशियो (CRR) या नकद आरक्षित अनुपात कहते हैं।

एसएलआर

जिस दर पर बैंक अपना पैसा सरकार के पास रखते हैं, उसे SLR कहते हैं। नकदी की तरलता को नियंत्रित करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। कॉमर्शियल बैंकों को एक खास रकम जमा करानी होती है जिसका इस्तेमाल किसी इमरजेंसी लेन-देन को पूरा करने में किया जाता है।

विज्ञापन
What is repo rate, reverse repo rate, CRR, other terms of RBI monetary policy
rbi

एमएसएफ

आरबीआई ने पहली बार वित्त वर्ष 2011-12 में वार्षिक आर्थिक नीति समीक्षा में MSF का जिक्र किया था। यह 9 मई 2011 को लागू हुआ। इसमें सभी शेड्यूल कॉमर्शियल बैंक एक रात के लिए अपने कुल जमा का 1% तक लोन ले सकते हैं।

ये भी पढ़ें : क्या है नागरिकता कानून जिसे बदलना चाहती है सरकार, करोड़ों लोगों पर क्या होगा इसका असर
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed