{"_id":"5fdefafdcab59209604a42d4","slug":"vayusena-ki-training-akadami-afa-air-force-academy-the-premier-training-centre-of-the-indian-air-force-know-all-details","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"AFA : देश की एकमात्र वायु सेना अकादमी, जहां अभिनंदन जैसे जांबाज तैयार होते हैं","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
AFA : देश की एकमात्र वायु सेना अकादमी, जहां अभिनंदन जैसे जांबाज तैयार होते हैं
Sun, 20 Dec 2020 03:10 PM IST
Devesh Devesh
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Devesh Devesh
Updated Sun, 20 Dec 2020 03:10 PM IST
विज्ञापन
वायु सेना अकादमी, हैदराबाद
- फोटो : Air Force
भारतीय वायुसेना के जांबाज योद्धा विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को और राष्ट्रीय शान का प्रतीक बनी उनकी मूंछों के बारे में तो सब जानते हैं। आज हम आपको उस अकादमी के बारे में विस्तार से बताएंगे जहां अभिनंदन जैसे जांबाज तैयार किए जाते हैं। बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद फरवरी 2019 में पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमान को पाकिस्तानी वायु सीमा में घुसकर मार गिराने वाले अभिनंदन देश के लिए एक राष्ट्रीय हीरो है। उनके इस जज्बे और युद्ध कौशल के पीछे सफलता की मुख्य वजह बनी थी उनकी कठोर और जबरदस्त ट्रेनिंग। जो उन्हें मिली देश की एकमात्र वायु सेना अकादमी (एयर फोर्स एकेडमी यानी एएफए) से।
Trending Videos
भारतीय वायुसेना में लड़ाकू विमानों की सूची
- फोटो : AMAR UJALA
हैदराबाद स्थित वायु सेना अकादमी वह फैक्टरी है जहां पर विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान जैसे सैकड़ों योद्धा तैयार होते हैं। इस अकादमी से अब तक 100 बैच पास आउट परेड हो चुके हैं। देश के इस एकमात्र प्रशिक्षण संस्थान में आसमान में दुश्मन को मात देने का कौशल सिखाया जाता है।
वायुसेना दिवस
- फोटो : PTI
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के नजदीक डुंडीगल स्थित वायु सेना अकादमी में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय रक्षा अकादमी यानी नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए), पुणे से तीन साल ग्रेजुएशन की पढ़ाई करके वायुसेना में शामिल होने वाले कैडेट्स यहां आते हैं। 7,050 एकड़ में फैली इस अकादमी में वायुसेना की सभी ब्रांच के कैड्स को ट्रेनिंग दी जाती है। अकादमी की स्थापना 1969 में हुई और इसने 1971 में अपना संचालन शुरू कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
air force
- फोटो : अमर उजाला
इस अकादमी की स्थापना 1969 में हुई और इसने 1971 में अपना संचालन शुरू कर दिया था। आईएएफ की फ्लाइंग से लेकर टेक्नीकल और ग्राउंड ड्यूटी ब्रांच के कैडेट्स तो यहां पर ट्रेनिंग हासिल करते ही हैं, साथ ही साथ नौसेना और भारतीय तट रक्षक के अफसर भी ट्रेनिंग के लिए यहां आते हैं।
विज्ञापन
वायु सेना अकादमी हैदराबाद
- फोटो : Air Force
इस अकादमी में एक साल की ट्रेनिंग के बाद कैडेट्स वायु सेना की अलग-अलग ब्रांच में कमीशन पाते हैं। जब 1993 में आईएएफ ने महिला कैडेट्स को शामिल करना शुरू किया था। 2016 में फ्लाइट लेफ्टिनेंट अवनि चतुर्वेदी, भावना कंठ और मोहना सिंह के साथ पहली बार लड़ाकू विमान की पायलट के तौर पर महिलाओं को कमीशन मिला, तो उन्हें भी यहीं पर ट्रेनिंग दी गई।
कमेंट
कमेंट X