फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त

प्रणव गोयल यूं ही नहीं बने JEE मेन्स के टॉपर, जानिए कैसे रचा इतिहास...काम आएंगे टिप्स

Thu, 03 May 2018 10:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 03 May 2018 10:00 AM IST
विज्ञापन
jee mains topper chandigarh boy pranav goyal interview
प्रणव गोयल
जेईई मेन्स 2018 के रिजल्ट में ऑल इंडिया में चौथे टॉपर प्रणव गोयल ने खुद अपनी सफलता का राज खोला और बताया कि ये इतिहास कैसे रचा।
jee mains topper chandigarh boy pranav goyal interview
प्रणव गोयल
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) की ओर से जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन जेईई मेन्स-2018 के नतीजे सोमवार शाम को घोषित कर दिए गए। नतीजों में ट्राईसिटी के प्रणव गोयल ने ऑल इंडिया में चौथा रैंक हासिल कर ट्राईसिटी में टॉप किया है। वहीं, विश्व राकेश विग ने ऑल इंडिया में 45वां रैंक लेकर ट्राईसिटी में सेकेंड पोजिशन हासिल की है।
jee mains topper chandigarh boy pranav goyal interview
प्रणव गोयल
इन दोनों के लिए यह कामयाबी की मंजिल नहीं, बल्कि एक सीढ़ी भर है। क्योंकि दोनों का सपना आईआईटी में एडमिशन लेने का है और वह तभी पूरा हो सकता है जब जेईई एडवांस में बेहतरीन स्कोर ले पाएंगे। जेईई मेन्स के बाद अगर जेईई एडवांस में अपीयर होना है तो मेन्स की कोई वेटेज नहीं मिलती। 1 लाख 20 हजार तक रैंक हासिल करने वाले एडवांस में अपीयर हो सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
jee mains topper chandigarh boy pranav goyal interview
exam paper Evaluation
प्रणव ने 360 नंबर की इस परीक्षा में 350 नंबर हासिल किए। प्रणव अपने बिजनेसमैन पिता पंकज गोयल और मां ममता गोयल के साथ चंडीगढ़ सेक्टर-15 में रहता है। मेन्स का नतीजा आने के बाद प्रणव का फोकस सिर्फ एडवांस पर है। प्रणव ने बताया कि उसे कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करनी है। उसने फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ में सभी तरह के ओलंपियाड पास किए हुए हैं।
विज्ञापन
jee mains topper chandigarh boy pranav goyal interview
Exam schedule
प्रणव ने बताया कि मेन्स उसकी रेस का एक पड़ाव है और उसे कहीं और पहुंचना है। प्रणव ने बताया कि वह रोजाना 11 घंटे पढ़ता है। जिस वक्त पढ़ाई करता है, इस बात का ध्यान रखता है कि उसका ध्यान ना भटके। जेईई एडवांस को क्रैक करने ज्यादा मुश्किल है, इसलिए उन्हें अब और भी ज्यादा तैयारी करनी होगी।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Education News in Hindi related to careers and job vacancy news, exam results, exams notifications in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Education and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed