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प्रणव गोयल यूं ही नहीं बने JEE मेन्स के टॉपर, जानिए कैसे रचा इतिहास...काम आएंगे टिप्स
Thu, 03 May 2018 10:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 03 May 2018 10:00 AM IST
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प्रणव गोयल
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जेईई मेन्स 2018 के रिजल्ट में ऑल इंडिया में चौथे टॉपर प्रणव गोयल ने खुद अपनी सफलता का राज खोला और बताया कि ये इतिहास कैसे रचा।
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प्रणव गोयल
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) की ओर से जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन जेईई मेन्स-2018 के नतीजे सोमवार शाम को घोषित कर दिए गए। नतीजों में ट्राईसिटी के प्रणव गोयल ने ऑल इंडिया में चौथा रैंक हासिल कर ट्राईसिटी में टॉप किया है। वहीं, विश्व राकेश विग ने ऑल इंडिया में 45वां रैंक लेकर ट्राईसिटी में सेकेंड पोजिशन हासिल की है।
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प्रणव गोयल
इन दोनों के लिए यह कामयाबी की मंजिल नहीं, बल्कि एक सीढ़ी भर है। क्योंकि दोनों का सपना आईआईटी में एडमिशन लेने का है और वह तभी पूरा हो सकता है जब जेईई एडवांस में बेहतरीन स्कोर ले पाएंगे। जेईई मेन्स के बाद अगर जेईई एडवांस में अपीयर होना है तो मेन्स की कोई वेटेज नहीं मिलती। 1 लाख 20 हजार तक रैंक हासिल करने वाले एडवांस में अपीयर हो सकते हैं।
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exam paper Evaluation
प्रणव ने 360 नंबर की इस परीक्षा में 350 नंबर हासिल किए। प्रणव अपने बिजनेसमैन पिता पंकज गोयल और मां ममता गोयल के साथ चंडीगढ़ सेक्टर-15 में रहता है। मेन्स का नतीजा आने के बाद प्रणव का फोकस सिर्फ एडवांस पर है। प्रणव ने बताया कि उसे कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करनी है। उसने फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ में सभी तरह के ओलंपियाड पास किए हुए हैं।
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Exam schedule
प्रणव ने बताया कि मेन्स उसकी रेस का एक पड़ाव है और उसे कहीं और पहुंचना है। प्रणव ने बताया कि वह रोजाना 11 घंटे पढ़ता है। जिस वक्त पढ़ाई करता है, इस बात का ध्यान रखता है कि उसका ध्यान ना भटके। जेईई एडवांस को क्रैक करने ज्यादा मुश्किल है, इसलिए उन्हें अब और भी ज्यादा तैयारी करनी होगी।
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