फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त

दो जुड़वां भाई, दोनों को गंभीर बीमारी...फिर भी रचा इतिहास, खुद बताया कैसे क्रैक किया NEET

Tue, 26 Jun 2018 09:46 AM IST
संजय कुमार/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
संजय कुमार/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Updated Tue, 26 Jun 2018 09:46 AM IST
विज्ञापन
chandigarh, thalassemia patients twin brothers cracked neet 2018
जुड़वां भाइयों ने क्लीयर किया नीट एग्जाम
दो जुड़वां भाई और दोनों को बेहद गंभीर बीमारी, उसके बावजूद हौंसला नहीं छोड़ा। नीट का एग्जाम क्रैक करके इतिहास रच दिया, अब खुद बता रहे हैं सफलता का राज।
chandigarh, thalassemia patients twin brothers cracked neet 2018
जुड़वां भाइयों ने क्लीयर किया नीट एग्जाम
हरियाणा में रोहतक जिले से लगभग 37 किलोमीटर दूर गांव अजायब के दो जुड़वां भाइयों ने नीट परीक्षा में 8वीं और 127वीं रैंक प्राप्त कर मिसाल कायम की है। यह कामयाबी इसलिए अधिक महत्वपूर्ण है कि ये दोनों विद्यार्थी थैलेसीमिया जैसी बीमारी से जंग भी लड़ रहे हैं। स्वयं का उपचार कराने के दौरान दोनों भाइयों ने महसूस किया कि यदि डॉक्टर न होते तो वे जीवित न रहते। इसी सोच ने उनके अंदर डॉक्टर बनने की जिज्ञासा जागृत की और उन्होंने नीट परीक्षा पास की।
chandigarh, thalassemia patients twin brothers cracked neet 2018
नीट टॉपर जुड़वां भाई - फोटो : डेमो
अब निशु जहां दिल का डॉक्टर बनना चाहते हैं, वहीं आशु आंखों का डॉक्टर बनना चाहते हैं। पेशे से साइंस मास्टर कृष्ण सिंह नैन ने बताया कि वह जीएमएस एलबीएस नगर रोहतक में तैनात हैं और उनकी पत्नी प्रमिला देवी दिल्ली कमरुद्दीन नगर डिस्पेंसरी में एएनएम के पद पर हैं। उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें आशु नैन व निशु नैन दोनों बडे़ जुड़वां बेटे हैं। वर्ष 2009 में उनको पता चला कि दोनों को थैलेसीमिया बीमारी है। मां-बाप टूट गए, लेकिन आशु व निशु ने हिम्मत दिखाई और दोनों ने अपना उपचार पीजीआईएमएस रोहतक से शुरू कराया।
विज्ञापन
विज्ञापन
chandigarh, thalassemia patients twin brothers cracked neet 2018
नीट टॉपर जुड़वां भाई
दोनों पर बीमारी का उपचार करवाने के साथ पढ़ाई की जिम्मेदारी भी थी। हर महीने दो बार रक्त चढ़वाना पड़ता है, जिसके चलते पांच से सात दिन उन्हें पीजीआईएमएस में रहना पड़ता। अब दोनों ने नीट क्लीयर किया है। निशु को दिल्ली के किसी भी मेडिकल कॉलेज में सीट मिल सकती है, जबकि आशु को भी अच्छी रैंक होने के चलते रोहतक पीजीआईएमएस में ही सीट मिल सकती है। दोनों की इच्छा है कि वे डॉक्टर बन कर लोगों की सेवा करें। निशु ने 12वीं में 92.5 व आशु ने 84 फीसदी अंक प्राप्त किए थे।
विज्ञापन
chandigarh, thalassemia patients twin brothers cracked neet 2018
नीट टॉपर जुड़वां भाई
आशु ने अपनी कक्षाओं के दौरान रोहतक में ही एक कोचिंग सेंटर से वीकेंड पर तैयारी की, जबकि निशु ने सिर्फ क्लास लगाई। जीवन रेखा योजना के प्रमुख नोडल अधिकारी डॉ. प्रवीण मल्होत्रा निशु व आशु की उपलब्धियों का श्रेय उनकी मेहनत और लगन को देते हैं। चिकित्सक का कहना है कि दोनों को जब भी कोई समस्या होती थी तो वह अकेले ही उपचार करवाने आ जाते थे। इन्हें देख कर हर कोई हैरान होता था कि बच्चे इतनी हिम्मत वाले हैं।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Education News in Hindi related to careers and job vacancy news, exam results, exams notifications in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Education and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed